जम्मू कश्मीर: लोकसभा चुनाव के लिए कदमताल तेज, भाजपा ने पांच संसदीय सीटों के प्रस्तावित नामों पर किया मंथन
सूत्रों के अनुसार पार्टी ने प्रमुख रूप से जम्मू, उधमपुर के साथ अनंतनाग-राजोरी सीट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने को कहा है। इसके लिए पार्टी कैडर को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज की दी है। त्रिकुटा नगर जम्मू स्थित पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को भाजपा की मैराथन चुनाव समिति की बैठक में जम्मू-कश्मीर की पांच संसदीय सीटों के प्रस्तावित नामों के साथ चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। इसके लिए पार्टी नेताओं से संबंधित क्षेत्रों के सर्वे के आधार पर फीडबैक लिया गया। इसमें पार्टी खामियों को दूर करने के साथ संबंधित क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत बनाने पर काम करेगी।
सूत्रों के अनुसार पार्टी ने प्रमुख रूप से जम्मू, उधमपुर के साथ अनंतनाग-राजोरी सीट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने को कहा है। इसके लिए पार्टी कैडर को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पार्टी मुख्यालय में सुबह हुई चुनाव समिति की बैठक में जम्मू कश्मीर की जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर, बारामुला और नई अनंतनाग-राजोरी सीट की चुनाव तैयारियों की जानकारी ली गई। आगामी चुनाव के लिए भौतिक और डिजिटल मोड पर पार्टी ने प्रचार और फीडबैक लेना शुरू कर दिया है।
वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने जम्मू और उधमपुर सीट हासिल की थी। लेकिन इस बार अनंतनाग-राजोरी सीट को लेकर यह आंकड़ा बनाने की कोशिश की जा रही है। फीडबैक के आधार पर प्रस्तावित उम्मीदवारों के नामों की रिपोर्ट को पार्टी के संसदीय बोर्ड के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
पार्टी मुख्यालय में अन्य कई बैठकों में भी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में जम्मू कश्मीर मामलों के प्रभारी तरुण चुग, सह प्रभारी आशीष सूद, प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना, सांसद जुगल किशोर, सांसद डा. जितेंद्र सिंह, महामंत्री डा. देवेंद्र मनियाल, डा. नरेंद्र सिंह, देवेंद्र राणा आदि मौजूद रहे।
एक जमाना था जब बड़े नेता तीन डिजिट के वोट लेकर सत्ता में आते थे : चुग
पार्टी के जम्मू कश्मीर के मामलों के प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि जम्मू कश्मीर में एक ऐसा जमाना भी था जब बड़े-बड़े नेता तीन डिजिट के वोट लेकर सत्ता में आते थे। विधानसभा में पीछे दो जीरो भी लगे तब भी वह मंत्री बन गए। 500 वोट से कम भी लेकर सत्ता में आ गए। लेकिन डीडीसी, बीडीसी चुनाव में परिदृश्य बदल गया।
पार्टी में उम्मीदवार को फाइनल करना चुनाव समिति का काम है और इस पर प्रक्रिया चल रही है। जम्मू कश्मीर में पार्टी नेताओं ने पसीने के साथ खून बहाकर पार्टी को खड़ा किया है। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित कई नेताओं ने बलिदान दिया है। प्रधानमंत्री शीघ्र कश्मीर में आ रहे हैं, इसके लिए जल्द आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता फिर 2014 में आशीर्वाद देगी। प्रधानमंत्री जम्मू कश्मीर के हर नौजवान के रोजगार का ध्यान रख रहे हैं।