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जम्मू कश्मीर: कश्मीरी पंडित कर्मियों की सूची आतंकियों तक पहुंची, पुलिसकर्मियों के लिए नए सिरे से एसओपी जारी
Mon, 05 Dec 2022 01:56 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 05 Dec 2022 01:56 AM IST
सार
भाजपा ने कर्मचारियों की सूची लीक करने वाले की पहचान करने और इन कर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। इस बीच पुलिस ने अपने जवानों के लिए नए सिरे से एसओपी जारी की है।
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जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत घाटी में काम कर रहे 56 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सूची आतंकी संगठनों तक लीक कर दी गई है। इसमें उनके कार्यस्थलों के बारे में जानकारी है। आतंकी तंजीम लश्कर-ए-ताइबा के टीआरएफ ने इन कर्मचारियों को धमकी दी है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
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भाजपा ने कर्मचारियों की सूची लीक करने वाले की पहचान करने और इन कर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। इस बीच पुलिस ने अपने जवानों के लिए नए सिरे से एसओपी जारी की है। इसमें कहा गया है कि छुट्टी के दौरान और ड्यूटी खत्म होने के बाद विशेष एहतियात बरते जाने की जरूरत है।
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सोशल मीडिया पर टीआरएफ के ब्लॉग कश्मीर फाइट ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सूची जारी करते हुए कहा है कि इन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। 19 स्थानों पर इनके लिए 6000 फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। यह स्वीकार नहीं है। यह भी चेताया गया है कि गैर कश्मीरियों की हिट लिस्ट भी जल्द जारी की जाएगी।
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भाजपा ने कर्मचारियों की सूची लीक किए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि इसके पीछे के लोगों की शिनाख्त करनी जरूरी है। यह सूची ऐसे समय में लीक की गई है कि जब घाटी में टारगेट किलिंग की घटनाएं हो रही हैं।
यह सुरक्षा में सेंध है क्योंकि आतंकियों को यह भली भांति पता है कि कौन कर्मचारी कहां तैनात है। पिछले दिनों इन कर्मचारियों की गोपनीय तरीके से तैनाती की गई थी। इसके बाद भी सूची सार्वजनिक हो गई।
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि पीएमडीपी के तहत काम करने वाले कश्मीरी पंडित पहले से ही अपने साथियों की हत्या से डर के साये में जी रहे हैं और ताजा खतरे ने संकट बढ़ा दिया है।
उन्होंने सरकार से नए खतरे को गंभीरता से लेने और नई रणनीति बनाते हुए प्राथमिकता के आधार पर इस मुद्दे को हल करने का आग्रह किया।