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Jammu Kashmir: बिहार में शराब बंद तो दिल्ली आया... दिल्ली ही बंद हो गई, कहां जाएं
Tue, 28 Jan 2025 06:38 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Tue, 28 Jan 2025 06:38 PM IST
सार
जम्मू में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई, जिसमें शंभू शिखर, पद्मिनी शर्मा और अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
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जम्मू कवि सम्मेलन
- फोटो : निखिल मेहता
विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कवि सम्मेलन का आगाज सोमवार को हुआ।अभिनव थियेटर में इसका उद्घाटन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। पहला दिन हिंदी कविता को समर्पित था। शंभू शिखर से लेकर पद्मिनी शर्मा की कविताओं ने लोगों को हंसाया भी और परंपराओं से जोड़ा भी। अगले दो दिन उर्दू और डोगरी को समर्पित होंगे।
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ठहाकों की गूंज से थियेटर का हाल गूंजता रहा और यह सिलसिला प्रयागराज से आए कवि शैलेंद्र मधुर से शुरु होकर शंभू शिखर, पद्मिनी शर्मा के साथ परवाना चढ़ता गया। शैलेंद्र मधुर ने सुनाया उन्होंने खिल उठे फूल, जाग गया चमन...सुनाया।वहीं, शंभू शिखर ने कविता सुनाने से पहले श्रोताओं को जोड़ते हुए कहा बिहार में शराब बंद तो दिल्ली आया, दिल्ली ही बंद हो गई, कहां जाएं । इनसे पहले पद्ममिनी सिंह ने सरस्वती वंदना सुनाई थी। दिल्ली से आए कवि उपेंद्र ने कविता सुनाई। इसके अलावा कवि हरीश दीपक सैनी, चेतन चर्चित, राजेश जैन, धर्मवीर निश्चल, संतोष सिंह, अन्य प्रसिद्ध कवियों ने कविताएं पढ़ीं।
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