जम्मू-कश्मीरः वित्त विभाग का आदेश- वित्तीय प्रतिबंध जारी रहने तक कोई भी नया कार्य शुरू नहीं होगा
जम्मू-कश्मीर में चल रहे विकास कार्यों और गैर निर्माण गतिविधियों के लिए जिला बजट की 50 फीसदी धनराशि के सशर्त उपयोग के लिए सभी जिला उपायुक्तों को अधिकृत किया गया है। इस धनराशि का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं, प्रधानमंत्री विकास पैकेज और नाबार्ड के कार्यों पर खर्च किया जाएगा, जिसमें 90:10 के अनुपात में फंडिंग होती है। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार वित्तीय प्रतिबंध जारी रहने तक कोई भी नया कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
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सरकारी वाहनों और फर्नीचर की भी खरीदारी नहीं हो सकेगी। इसके लिए वित्त विभाग की मंजूरी लेनी होगी। सभी जिला विकास अधिकारी बजट जारी करने से पहले यह सुनिश्चित करेंगे कि ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन किया गया है।
पिछले किसी भी बकाया के भुगतान के लिए बजट राशि को खर्च नहीं किया जाएगा। ऐसा करने पर वित्त विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। लॉकडाउन के दौरान मार्च, 20 तक जो बिल पेश नहीं किए जा सके थे, उनका समायोजन किया जाएगा।
विकास कार्यों के लिए तय राशि से अधिक खर्च पर रोक
आदेश में कहा गया है कि विकास कार्यों को तय धनराशि में ही पूरा किया जाना है। किसी प्रकार का बकाया नहीं करना होगा। ऐसा करने पर संबंधित अधिकारी किसी भी तरह के देयता के लिए जिम्मेदार होंगे और सभी कार्यों को तय समय में पूरा करने के उचित प्रयास किए जाएंगे। इसमें बिना मंजूरी और बिना मान्यता वाले कार्यों को शामिल नहीं किया जाएगा। सभी तरह के प्रोजेक्ट व योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करना होगा।
कैजुअल व नीड बेस्ड वर्करों की भर्ती नहीं होगी
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कैजुअल वर्कर, नीड बेस्ड वर्करों की भर्ती नहीं की जाएगी। जेकेआईडीएफसी के तहत सुस्ती से चल रही परियोजनाओं को गति देने के लिए राशि का उपयोग नहीं किया जाएगा।