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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में श्वेत क्रांति की तैयारी, शुरू की गईं आईडीडीएसए और डीईडीएस योजनाएं
Fri, 09 Sep 2022 01:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 09 Sep 2022 01:07 PM IST
सार
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल ही में गुजरात के आणंद जिले में अमूल प्लांट का दौरा किया और दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और अन्य संबंधित उत्पादों के लिए सुविधाओं का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।
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- फोटो : Istock
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर सरकार किसानों और डेयरी उत्पादन से जुड़े लोगों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर पैदा करने के अलावा जम्मू-कश्मीर में श्वेत क्रांति की नई सुबह लाने के लिए सुधारात्मक हस्तक्षेप कर रही है। जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुसार डेयरी से किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों को लागू किया जा रहा है।
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इनमें आईडीडीएस और डीईडीएस योजनाएं शामिल हैं। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल ही में गुजरात के आणंद जिले में अमूल प्लांट का दौरा किया और दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और अन्य संबंधित उत्पादों के लिए सुविधाओं का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया। उन्होंने अमूल जैसे विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और इसकी क्षमता बढ़ाने के तौर तरीकों पर चर्चा की।
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सरकार के अनुसार एकीकृत डेयरी विकास योजना (आईडीडीएस) के जरिये वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही मिल्क मशीन, थोक दूध शीतलन इकाई को 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही उद्यमियों को पनीर, खोया, दही, क्रीम सेपरेटर, आइसक्रीम बनाने की मशीन, मक्खन और घी बनाने की मशीन, दूध वैन, दूध एटीएम और डीजी सेट भी प्रदान किए जा रहे हैं, जो डेयरी में स्टार्ट अप के लिए लाभकारी है।
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कुलगाम के डेयरी फार्मिंग उद्यमी सरताज अहमद ने एकीकृत डेयरी विकास योजना (आईडीडीएस) के तहत डेयरी फार्म की स्थापना की है। उन्होंने कहा, उन्होंने इलाके में खुद का दूध व्यवसाय शुरू किया, जिससे मुझे रोजगार मिला है। वहीं, अनंतनाग के मट्टन इलाके के इरशाद अहमद कहते हैं कि सरकार द्वारा शुरू किए गए आईडीडीएस ने उनके जैसे युवाओं को न केवल स्वतंत्र होने बल्कि दूसरों को भी रोजगार प्रदान करने में मदद की है।
केंद्र शासित प्रदेश में डेयरी फार्मिंग में भारी रोजगार पैदा करने की काफी संभावनाएं हैं और यह कृषक समुदाय के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में व्यापक योगदान दे सकता है।
जम्मू-कश्मीर सरकार का कहना है कि दूध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम चल रहा है। सरकार के साथ सहयोगात्मक प्रयासों में अमूल जैसा बड़ा व्यावसायिक संस्थान केंद्र शासित प्रदेश में दूध उत्पादन और अन्य संबंधित गतिविधियों के प्रचार और विकास में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
यह है डेयरी उद्यमिता विकास योजना
उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) छोटे डेयरी फार्म स्थापित करने पर केंद्रित है। इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए दो-दो गायों की 1,5000 डेयरी इकाइयों को विशेष पैकेज के रूप में वितरित किया जाएगा।
सरकार सहकारी समितियों पर भी काम कर रही है क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर दुग्ध उत्पादक सहकारी लिमिटेड (जेकेएमपीसीएल) के साथ दूध उत्पादन को लाभदायक बनाने में मदद करती है, जो दूध उत्पादन में 50,000 एलपीडी से 3 लाख एलपीडी तक क्षमता बढ़ाने के लिए काम कर रही है।