फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir high court ask govt What action take on Rohingyas

जम्मू कश्मीर: रोहिंग्याओं पर सरकार ने क्या कार्रवाई की, प्रदेश हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Wed, 27 Mar 2024 11:25 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 27 Mar 2024 11:25 AM IST
सार

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह व न्यायाधीश एमए चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। खंडपीठ ने सरकार को उच्चतम न्यायालय में लंबित रोहिंग्याओं के मामले में नवीनतम स्थिति और कार्रवाई के बारे में सूचित करने को कहा।

विज्ञापन
Jammu Kashmir high court ask govt What action take on Rohingyas
jammu high court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने रोहिंग्याओं को प्रदेश से बाहर भेजे जाने पर सरकार से जवाब मांगा है। इनके खिलाफ क्या कार्रवाई की और क्या कदम उठाए, इसकी जानकारी सरकार को देनी होगी। एडवोकेट हुनर गुप्ता की ओर से दायर एक जनहित याचिका में म्यांमार और बांग्लादेश से अवैध रूप से जम्मू-कश्मीर में आए रोहिंग्याओं की पहचान करने के लिए एक पूर्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति व सरकार को इस दिशा में निर्देश देने की मांग की गई है।

विज्ञापन


मंगलवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह व न्यायाधीश एमए चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। खंडपीठ ने सरकार को उच्चतम न्यायालय में लंबित रोहिंग्याओं के मामले में नवीनतम स्थिति और कार्रवाई के बारे में सूचित करने को कहा। जम्मू-कश्मीर या संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रदेश में कभी भी कोई शरणार्थी शिविर घोषित नहीं किया गया है। 
विज्ञापन


याचिका में बांग्लादेशी और म्यांमार के अवैध अप्रवासियों को दिए गए सभी लाभों को वापस लेने की मांग की गई है। प्रदेश में 13400 म्यांमार और बांग्लादेशी अवैध अप्रवासी जम्मू-कश्मीर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे हैं। हालांकि वास्तविक आंकड़े आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा हैं। 1982 में म्यांमार सरकार ने उन्हें गैर-राष्ट्रीय घोषित कर दिया, जिसके कारण उनका पड़ोसी बांग्लादेश, थाईलैंड और यहां तक कि पाकिस्तान में प्रवास हुआ, हालांकि इन देशों में भी उनका स्वागत नहीं किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में बताया गया कि लगभग 1700 रोहंगिया परिवार जिनमें लगभग 8500 लोग शामिल हैं प्रदेश में हैं। यह विभिन्न बस्तियों में रहते हैं। भू-माफिया राज्य की भूमि, प्राकृतिक संसाधनों, विशेष रूप से वन क्षेत्रों के साथ-साथ जल निकायों पर अतिक्रमण करने के लिए, बांग्लादेश और म्यांमार के इन अवैध अप्रवासियों को पहले वन क्षेत्रों और जल निकायों के पास बसाते हैं। 


बांग्लादेश और म्यांमार के कई अवैध अप्रवासियों ने अवैध रूप से राशन कार्ड, मतदाता कार्ड, आधार कार्ड के साथ-साथ स्थायी निवासी प्रमाण पत्र हासिल कर लिए हैं। उन पर मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला लेनदेन जैसी विभिन्न राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed