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आबियाना: 7 साल बाद किसानों से नहरों के पानी का पैसा वसूलेगी सरकार, 2015 से बंद था भुगतान, पीडीपी-भाजपा सरकार ने किया था माफ

Tue, 05 Jul 2022 04:32 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 05 Jul 2022 04:32 PM IST
सार

जो किसान सिंचाई के लिए नहर का पानी प्रयोग कर रहे हैं उन्हें प्रति हेक्टेयर के हिसाब से आबियाना (सिंचाई कर) अदा करना होगा। इसके लिए स्लैब भी जारी कर दी गई है। पीडीपी-भाजपा सरकार ने 2015 में आबियाना माफ कर दिया था।

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jammu kashmir Govt seeks last 7 years water tax called as Abiyana from farmers Abolished by PDP-BJP govt
नहर (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आबियाना यानी सिंचाई कर या इस्तेमाल किए गए पानी की कीमत। जम्मू-कश्मीर में किसानों को सिंचाई के लिए सात साल बाद अब फिर आबियाना देना होगा। सरकार 2015 से इसकी वसूली करेगी। तत्कालीन भाजपा-पीडीपी सरकार ने इसकी वसूली बंद कर दी थी। वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

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अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जो किसान सिंचाई के लिए नहर का पानी प्रयोग कर रहे हैं उन्हें प्रति हेक्टेयर के हिसाब से आबियाना (सिंचाई कर) अदा करना होगा। इसके लिए स्लैब भी जारी कर दी गई है। पीडीपी-भाजपा सरकार ने 2015 में आबियाना माफ कर दिया था, जिसके बाद वित्त विभाग की ओर से एसआरओ जारी नहीं किया गया। अब 2022 में टैक्स वसूलने पर अधिसूचना जारी की गई है। किसानों को बकाया समेत स्लैब के हिसाब से सिंचाई कर अदा करना होगा। आबियाना की वसूली फसलवार निर्धारित दर के हिसाब से की जाएगी।
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2015 से 2017 तक ये रहेगी दर

फ्लड एंड इरिगेशन विभाग 2015 से टैक्स वसूल करेगा। 2015 में ग्रेविटी हेक्टेयर पर टैक्स साठ रुपये था। इसमें दस फीसदी बढ़ोतरी का प्रावधान था। इसी तरह लिफ्ट नहर के लिए 2015 में 250 रुपये, 2016 में 275 और 2017 में 300 रुपये अदा करने होंगे।
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क्या कहते हैं अधिकारी

वित्त विभाग ने इस बारे अधिसूचना जारी की है। नए आदेश के हिसाब से 2015 से आबियाना वसूल किया जाना है। अब ग्रेविटी और लिफ्ट नहर के पानी के प्रयोग पर आबियाना अलग अलग अदा करना होगा। - एफआर भगत, एक्सइएन, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग जम्मू।

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