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राज्यपाल पर नेकां ने बोला हमला, कहा- पद की विश्वसनीयता व निष्पक्षता पर सवाल उठाती है उनकी टिप्पणी
Tue, 23 Jul 2019 09:00 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 23 Jul 2019 09:00 PM IST
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उमर अब्दुल्ला
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
नेशनल कांफ्रेंस ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक के विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी असंवैधानिक है। यह टिप्पणी राज्यपाल पद की विश्वसनीयता, आजादी और निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। राज्यपाल ने रविवार को कहा था कि आतंकवादियों को मासूम लोगों को मारने की बजाय भ्रष्टाचारियों को निशाना बनाना चाहिए। हालांकि, अगले ही दिन उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे बयान देने से बचना चाहिए था। यह गुस्सा और हताशा में दिया गया बयान था।
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नेकां के 30 से ज्यादा नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि राज्यपाल को याद रखना चाहिए कि वह एक संवैधानिक पद पर हैं। वह राज्य और देश के संविधान के संरक्षक हैं। भ्रष्ट लोगों को संरक्षित करना तथा किसी के द्वारा की गई गड़बड़ियों को ढंकने का कोई सवाल नहीं है। हालांकि किसी नेता, सरकारी नौकर तथा सरकारी मुलाजिम की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला किसी भी प्रकार की टिप्पणी उचित नहीं है और वह भी तब जब राज्यपाल द्वारा ऐसी टिप्पणी की जा रही है। यह घोर निंदनीय है।
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नेकां नेताओं ने पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के खिलाफ राज्यपाल की टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया जताई। पार्टी के नेताओं ने कहा कि उमर अब्दुल्ला का शानदार राजनीतिक सफर रहा है। वह तीन बार संसद के सदस्य रहे। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय तीन साल तक केंद्रीय मंत्री रहे। छह साल तक जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे और जम्मू कश्मीर के अग्रणी राजनीतिक दल के नेता हैं। उनकी छवि तथा गरिमा को धूमिल करने को पार्टी तथा उनके कार्यकर्ताओं की ओर से गंभीरता से लिया जाएगा।
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बयान जारी करने वालों में पार्टी महासचिव अली मोहम्मद सागर, सांसद मोहम्मद अकबर लोन व जस्टिस (रिटायर्ड) हसनैन मसूदी, मोहम्मद शफी उड़ी, अब्दुल रहीम राथर, देवेंद्र सिंह राणा व अजय सडोत्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं।