जम्मू-कश्मीर: घाटी में जी20 की बैठक खुशगवार माहौल में संपन्न, प्रदेश में आए बदलाव का संदेश दुनिया तक पहुंचा
जी20 सम्मेलन में 17 देशों के प्रतिनिधि, संबंधित देशों के पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि और अन्य हितधारकों ने इस आयोजन में भाग लिया। यह भारत की ताकत और वसुधैव कुटुंबकम के हमारे प्राचीन मूल्यों को दर्शाता है।
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श्रीनगर में आयोजित जी20 की तीसरी पर्यटन कार्य समूह की तीन दिवसीय बैठक बुधवार को एक खुशगवार माहौल में संपन्न हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि जी20 देशों के प्रतिनिधियों के यहां आने से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद कश्मीर में आए बदलाव के बारे में पूरी दुनिया में सकारात्मक संदेश जाएगा।
इस बैठक में ग्रीन टूरिज्म, डिजिटलाइजेशन, स्किल्स, एमएसएमई और डेस्टिनेशन मैनेजमेंट जैसे पांच प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। ये प्राथमिकताएं पर्यटन क्षेत्र में परिवर्तन को गति देने और 2030 के सूचीबद्ध सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं।
इसके अलावा एडवेंचर टूरिज्म, सस्टेनेबल टूरिज्म, ईको टूरिज्म, फिल्म टूरिज्म पर भी चर्चा हुई। इस बैठक के दौरान ड्राफ्ट नेशनल स्ट्रेटेजी फॉर फिल्म टूरिज्म का अनावरण भी किया गया। इतना ही नहीं, बैठक के दौरान आर्थिक विकास के लिए फिल्म पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण और फिल्म पर्यटन के माध्यम से अतुल्य भारत को बढ़ावा देना पर भी पैनल डिस्कशन हुआ।
इसके अलावा कई साइड इवेंट आयोजित किए गए। इस बीच जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री द्वारा श्रीनगर को जी20 की बैठक के लिए चुनने को लेकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, लगभग चार दशक बाद जम्मू-कश्मीर ने बॉलीवुड के साथ संबंधों को पुनर्जीवित किया है।
फिल्म क्षेत्र में अधिक निवेश और जम्मू-कश्मीर को लोकप्रिय फिल्म शूटिंग स्थल बनाने के लिए 2021 में फिल्म नीति शुरू की गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रशासन स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि श्रीनगर में आयोजित तीसरी पर्यटन कार्य समूह की बैठक विदेशी प्रतिनिधियों की उपस्थिति के मामले में सबसे बड़ी रही, क्योंकि यहा आयोजन सिलीगुड़ी और गुजरात में हुई पिछली बैठकों से बड़ा है।
इसमें चीन को छोड़कर सभी जी20 देशों के प्रतिनिधि, संबंधित देशों के पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि और अन्य हितधारकों ने इस आयोजन में भाग लिया। 17 देशों के 57 प्रतिनिधि जी20 बैठक में भाग लेने पहुंचे। यह भारत की ताकत और वसुधैव कुटुंबकम के हमारे प्राचीन मूल्यों को दर्शाता है।
बैठक के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी कहा, कश्मीर के युवा अत्यधिक महत्वाकांक्षी, संवेदनशील और दूरदर्शी हैं, जो इस देश के लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदान किए गए विशाल अवसरों को देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीनगर में होने वाली यह बैठक और इसके साइड इवेंट जम्मू और कश्मीर के युवाओं के लिए नौकरी के अवसर पैदा करेंगे। कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में यह सबसे अच्छा समय है।
कश्मीरियों के लिए फायदेमंद साबित होगा आयोजन
बैठक में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि यह बैठक कश्मीर के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। खासकर पर्यटन और फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर ने खुद मार्केटिंग में उत्कृष्ट काम किया है और अब यह उनकी (प्रतिनिधियों की) जिम्मेदारी है कि वह अगला कदम उठाएं और उनके क्षेत्र के लोगों के आने-जाने के लिए उक्त स्थलों को बढ़ावा दें।
सुरक्षा के लिए तैनात रहे एनएसजी और मरीन कमांडो
जी20 की बैठक को लेकर श्रीनगर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। विशेष रूप से सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एनएसजी कमांडो और मरीन कमांडो तैनात किए गए थे। प्रतिनिधियों के रुट को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया था। जगह-जगह पर्याप्त तैनाती की गई थी।
बैठक से पूर्व पुलिस के कश्मीर ज़ोन के एडीजीपी ने सुरक्षाबलों को आतंकवादी विरोधी अभियानों को तेज करने के भी निर्देश दिए थे, जिसके बाद करीब छह आतंकवादियों को मार गिराया गया था। इसके अलावा सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया था।