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Jammu Kashmir: किसान को 14 साल बाद मिला न्याय, बीमा कंपनी और ट्रैक्टर एजेंसी पर कार्रवाई; मिलेगा मुआवजा

Tue, 21 Jan 2025 11:58 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 21 Jan 2025 11:58 AM IST
सार

14 साल बाद जम्मू के किसान अब्दुल अजीज को ट्रैक्टर एजेंसी और बीमा कंपनी के गलत दस्तावेजों के कारण न्याय मिला, और उन्हें मुआवजा व क्षतिपूर्ति देने का आदेश हुआ।

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Jammu Kashmir: Farmer gets justice after 14 years, action taken against insurance company and tractor agency;
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

शहर की एक ट्रैक्टर एजेंसी ने गलत दस्तावेजों के साथ किसान को ट्रैक्टर की डिलीवरी दे दी। कुछ दिनों बाद ट्रैक्टर का एक्सीडेंट होने पर बीमा कंपनी ने ट्रैक्टर मालिक को क्लेम देने से मना कर दिया। मामले में जिला उपभोक्ता फोरम से भी जब ट्रैक्टर मालिक को न्याय नहीं मिला तो उसने राज्य उपभोक्ता आयोग की शरण ली। 14 साल बाद आयोग ने ट्रैक्टर एजेंसी और बीमा कंपनी को दोषी ठहराया है। 

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जिले के ही किसान अब्दुल अजीज ने जीटी रोड पर स्तिथ श्रीकुल ट्रैक्टर्स नाम की एजेंसी से 9 जून, 2011 को ट्रैक्टर खरीदा था। एजेंसी की ओर से इसी दिन अब्दुल को डिलीवरी चालान दिया गया। डिलीवरी के समय ही अब्दुल ने ट्रैक्टर का बीमा भी करवाया। तीन महीने बाद एजेंसी ने अब्दुल को अंतिम बिक्री पत्र दिया।
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इसके कुछ दिन बाद ही ट्रैक्टर का एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट के बाद अब्दुल ने बीमा कंपनी से संपर्क किया तो, कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। इसके पीछे कंपनी ने वजह बताई कि जिस ट्रैक्टर का एक्सीडेंट हुआ है और जिसका बीमा कराया गया है, वह दोनों अलग हैं। मामले में अब्दुल ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा अपना दावा पेश किया, जिसे आयोग ने साल 2016 में खारिज कर दिया।

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इसके खिलाफ अब्दुल ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य उपभोक्ता आयोग ने पाया कि ट्रैक्टर एजेंसी ने दस्तावेजों में हेराफेरी की है। डिलीवरी चालान और अंतिम बिक्री पत्र में में ट्रैक्टर के चेसिस और इंजन का नंबर अलग-अलग है। बीमा कंपनी ने भी लापरवाही करते हुए दस्तावेजों की जांच नहीं की, जिसका खामियाजा अपीलकर्ता को भुगतना पड़ा। मामले में बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए ब्याज सहित प्रीमियम राशि लौटाने का आदेश दिया गया है।

साथ ही ट्रैक्टर एजेंसी को अब्दुल हो हुए नुकसान को ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मानसिक उत्पीड़न की क्षतिपूर्ति के मुआवजे के रूप में 50 हजार और मुकदमेबाजी में हुए खर्चे के एवज में 25 हजार रुपये का अब्दुल को भुगतान करने का आदेश दिया है।

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