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जम्मू-कश्मीर: सूचना विभाग के पूर्व निदेशक, सज्जाद लोन की बहन की संपत्ति पर भी चला पीला पंजा

Sun, 05 Feb 2023 04:22 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 05 Feb 2023 04:22 PM IST
सार

हुमहामा में सूचना विभाग के पूर्व निदेशक फारूक रेंजू शाह के घर के बाहर दीवार को जेसीबी से गिराया गया। यहां एक कनाल सरकारी जमीन वापस ली गई है।

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Jammu Kashmir: Encroachment removed from property of Sajjad Lone sister, former DirectorInformation Department
सांबा में अतिक्रमण हटाती जेसीबी - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में कई स्थानों पर प्रभावशाली लोगों की ओर से अवैध कब्जे वाली भूमि को खाली कराया। अधिकारियों ने कहा कि हुमहामा, पीरबाग, पादशाहीबाग, निशात और छत्ताबल सहित श्रीनगर में कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाया गया है।

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हुमहामा में सूचना विभाग के पूर्व निदेशक फारूक रेंजू शाह के घर के बाहर दीवार को जेसीबी से गिराया गया। यहां एक कनाल सरकारी जमीन वापस ली गई है। वहीं पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन की बहन एडवोकेट शबनम लोन के आवासीय घर के बाहर भी दीवार और गेट हटाया गया है।
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शहर के बाहरी इलाके के क्रालसांगरी निशात क्षेत्र में शबनम लोन के आवास की दीवार गिराकर खसरा नंबर 3557 के तहत राज्य/ काचराई भूमि को कब्जामुक्त किया गया है। श्रीनगर शहर के छत्ताबल क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाए गए एक शॉपिंग कांप्लेक्स को सील किया है।
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हालांकि, संपत्ति के मालिक, एडवोकेट शोएब जहूर ने कहा कि 2004 में एक खुली नीलामी के माध्यम से श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) द्वारा उन्हें जमीन का विशेष हिस्सा आवंटित किया गया था। उस आधार पर, मुझे यह जमीन 2007 में आवंटित की गई थी।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने 2012 में मुझे पूरी तरह से कब्जा दे दिया था। कहा कि उन्हें इमारत को सील करने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने एलजी प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

उधर, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में भी राज्य व काचराई भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। यहां कुल 50 कनाल भूमि को खाली कराया गया है। अधिकारियों ने कहा कि क्रशरों को मौके से मशीनरी हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।  
 

ऐसा नहीं करने पर मशीनरी को भी जब्त कर लिया जाएगा। बुमथन मीर बाजार में भी अभियान चलाया गया। जहां राज्य भूमि पर एक स्टोन क्रशर चल रहा था। तहसील काजीगुंड से राजस्व टीम ने कुल 14 कनाल भूमि खाली कराई।

आतंकी संगठन ने कहा- कश्मीरियों को परेशान किया जा रहा 

आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने सोशल मीडिया पर अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर हिंदी में जारी किए गए बयान में कहा, नए उपनिवेशिक भूमि कानूनों के नाम पर स्थानीय कश्मीरियों की संपत्तियां छीनकर परेशान किया जा रहा है।



यह सिर्फ अवैध बस्तियों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस कठोर आदेश के पीछे छिपा एजेंडा गैर-स्थानीय लोगों के लिए न केवल स्थानीय व्यापार लेने के लिए मार्ग प्रशस्त करना है, बल्कि कश्मीर में विशेष मानसिकता के इन गैर-स्थानीय लोगों को बसाने के लिए भी स्पष्ट तरीके हैं।

अब एक रणनीति के तहत तलवार आम कश्मीरियों की ओर मोड़ दी गई है। ये हरकतें भारत को भविष्य की लड़ाई का मैदान बना देंगी। 

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