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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: Educationist PadmaShri Prof Ved Kumari Ghai passed away translated Neelmat Purana in English

जम्मू कश्मीर: शिक्षाविद पद्मश्री प्रो. वेद कुमारी घई का निधन, नीलमत पुराण का अंग्रेजी में किया था अनुवाद

Wed, 31 May 2023 12:53 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 31 May 2023 12:53 PM IST
सार

डोगरी भाषा में प्रो. वेद कुमार घई का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कई किताबों का भी लेखन किया है। डोगरी भाषा पर उनकी काफी पकड़ थी। डेनमार्क में डोगरी फोनिटक पर भी उन्होंने काम किया था।

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Jammu Kashmir: Educationist PadmaShri Prof Ved Kumari Ghai passed away translated Neelmat Purana in English
Prof Ved Kumari Ghai - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नीलमत पुराण का अंग्रेजी में अनुवाद कर इसे विदेशों तक पहुंचाने वालीं विख्यात शिक्षाविद व समाज सेविका पद्मश्री प्रो. वेद कुमारी घई का निधन हुआ है। 92 साल की उम्र उन्होंने मंगलवार को अपने आवास सैनिक कॉलोनी में अंतिम सांस ली। आज यानी बुधवार को उनका अंतिम संस्कार छन्नी हिम्मत में किया जाएगा।

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प्रो. वेद कुमार घई को मार्च 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म 16 दिसंबर 1931 को जम्मू में हुआ। अपनी स्कूली शिक्षा जम्मू से पूरी की। संस्कृति में एमए पंजाब विश्वविद्यालय से की। प्राचीन भारत इतिहास और संस्कृति में एमए और बनारस विवि से संस्कृत में पीएचडी की।
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डोगरी भाषा में उनका बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कई किताबों का भी लेखन किया है। डोगरी भाषा पर उनकी काफी पकड़ थी। डेनमार्क में डोगरी फोनिटक पर भी उन्होंने काम किया था। 1953 से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी प्रो. वेद घई जम्मू विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग की डीन व एचओडी भी रही हैं।
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वह हिमाचाल, पंजाब, बनारस विवि के साथ भी जुड़ी रही। उनके साहित्य योगदान के लिए 1995 में उन्हें राज्य सरकार ने समाज सेवा के लिए गोल्ड मेडल, दिया जबकि 2009-10 में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। 2010 में केंद्र महिला एंव बाल विकास मंत्रालय ने उन्हें स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रो. घई कुछ समय से अस्वस्थ भी चल रही थी।

महान संस्कृत विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ता थीं घई- उपराज्यपाल

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि प्रो. वेद कुमारी घई के निधन से दुखी हैं। वह एक महान संस्कृत विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके समृद्ध योगदान दिया। इसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। परिवार के प्रति उनकी गहरी संवेदना है।


साहित्य और शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति- डोगरी संस्था

वहीं, डोगरी संस्था के अध्यक्ष ललित मंगोत्रा ने प्रो. वेद कुमारी घई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रो. घई को दुनिया से चला जाना साहित्य और शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति है।

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