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जम्मू-कश्मीर: होम आइसोलेशन में न बनें लापरवाह, खुद और परिवार को रखें सुरक्षित
Sun, 25 Apr 2021 03:23 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 25 Apr 2021 03:23 PM IST
सार
होम आइसोलेशन के दौरान पीड़ित खुद को अधिक आराम दें और खुद पर किसी तरह का तनाव हावी न होने दें।
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Home isolation
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमितों में से 90 से 95 फीसदी तक होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। इनमें 90 फीसदी मरीज बिना लक्षण वाले हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार कुछ जरूरी एहतियात बरत कर आप घर पर भी बेहतर चिकित्सा सेवाओं के साथ खुद को अधिक सुरक्षित रख सकते हैं। लेकिन सेहत बिगड़ने और लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है।
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मरीज का आत्मविश्वास बढ़ाता है होम आइसोलेशन
जीएमसी के मेडिसिन विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने से मरीज का आत्मविश्वास बढ़ता है। उसे घर का माहौल मिलने से बेहतर चिकित्सा देखभाल हो पाती है। अगर संक्रमित मरीज में लक्षण नहीं हैं तो उन्हें नियमित तौर पर हल्का व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा प्राणायाम सहित अन्य योग करें। खूब सारे तरल पदार्थ लें और ताजे फलों के साथ स्वस्थ व संतुलित भोजन खाएं। घर में आइसोलेशन होने पर लापरवाह न हों और परिवार के दूसरे सदस्यों के सीधे संपर्क में न आएं। घर पर रहकर भी कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करें।
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किसी तरह का तनाव हावी न होने दें
जीएमसी के ऑर्थो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव गुप्ता का कहना है होम आइसोलेशन के दौरान पीड़ित खुद को अधिक आराम दें और खुद पर किसी तरह का तनाव हावी न होने दें। इसे एक वायरल की तरह समझें जिसका असर कुछ दिनों तक रहता है और पीड़ित ठीक हो जाता है। पीड़ित को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए और समय पर खानपान करें। लेकिन अगर सांस लेने में कोई तकलीफ हो रही है तो तुरंत निकट चिकित्सा केंद्र में जाकर इलाज लें। इसके अलावा पल्स ऑक्सीमीटर 90 से नीचे जाने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। इन लक्षणों को गंभीरता से लें। बुखार होने पर बुखार की दवा लें, लेकिन अगर बुखार नहीं टूट रहा है तो डॉक्टरी सलाह लें।
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घर पर रहकर ऐसा करें
-ऐसे मरीज घर पर अलग हवादार कमरे में रहें, जिनके साथ शौचालय हो
-घर के भीतर किसी भी व्यक्ति के संपर्क में न आएं
-आरोग्य सेतु ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें और इसे हमेशा सक्रिय रखें
-हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन और पानी से बार-बार धोएं
-अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का नियमित उपयोग करें
-घर में रहकर भी नियमित रूप से मास्क का उपयोग करें
-घरेलू सामान जैसे बर्तन, तौलिया तथा बिस्तर आदि साझा न करे
-खूब सारे तरल पदार्थ लें
-पल्स ऑक्सीमीटर के साथ अपने ऑक्सीजन की नियमित निगरानी करें, जरूरत पड़ने पर 108 नंबर पर काल करें
-अलग कमरा न होने पर कोविड केयर सेंटर में भर्ती हों, जिसके लिए एंबुलेंस सेवा 108 पर संपर्क करें
-होम आइसोलेशन के दौरान लक्षण गंभीर होने की स्थिति में 108 नंबर पर संपर्क करें.