पाकिस्तान द्वारा कोरोना फिदायीन की साजिश पर पुलिस ने लगाई मुहर, डीजी ने कहा- कश्मीर में संक्रमण फैलाने की कोशिश
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डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि अभी तक पाकिस्तान सिर्फ आतंकी एक्सपोर्ट करता था लेकिन अब वह कोरोना संक्रमित आतंकी भी एक्सपोर्ट करने की साजिश रच रहा है ताकि कश्मीर के लोगों में संक्रमण फैलाया जा सके। उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए हर तरह की एहतियात बरतने को कहा।
बता दें, अमर उजाला ने 6 अप्रैल को यह खबर प्रकाशित की थी कि पाकिस्तान कोरोना संक्रमित मरीजों को भारतीय सीमा में धकेलने की साजिश रच रहा है। डीजीपी ने बुधवार को मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा कोविड-19 को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया।
हाल ही में पाकिस्तान में बैठे एक आतंकी का अपने पिता के साथ बात करते हुए एक ऑडियो सामने आया था। इसमें वह कह रहा है कि पीओके में बैठे आतंकियों के आका अब कश्मीर में कोरोना फिदायिन भेजने की साजिश रच रहे हैं। उनके वहां कैंपों में कई आतंकी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और आका चाहते हैं कि इन्हें जल्द से जल्द कश्मीर में धकेला जाए। आतंकी ने अपने पिता से यह भी कहा था कि उनके पास वहां न तो खाने-पीने की कोई व्यवस्था है और न ही दवाइयां है। अगर कुछ है तो बस केवल हथियार और गोला बारूद।
इसको लेकर सेना के एक अधिकारी ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने भी यह ऑडियो सुना है। उन्होंने कहा था कि भले ही संक्रमित आतंकियों को घुसपैठ करवाने की बात चिंताजनक है लेकिन सेना के जवान भी हर नापाक कोशिश का जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से कश्मीर के साथ-साथ जम्मू में भी एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उलंघन किया जा रहा है और संभावना है कि वह इसकी आड़ में आतंकियों को इस ओर धकेलने की फिराक में हों।
इससे पहले भी कई ऐसी खबरें आई थीं, जिससे पुलिस को शक था कि पाकिस्तान कोरोना संकट के बीच भी ऐसी हरकत कर सकता है। पीओके में बैठा एक आतंकी अपने पिता से फोन पर बात करते हुए कह रहा है कि उसके कई साथी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। साथ ही तैयारी की जा रही है कि जितनी जल्दी हो सके उन्हें कश्मीर भेजा जाए।
आतंकी ने अपने पिता को बताया कि उनके (पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका) पास न तो खाना है और न ही दवाइयां। उनके पास अगर कुछ है तो केवल हथियार।
आतंकी और उसके पिता के बीच बातचीत
पिता को सलाम करते हुए आतंकी ने कहा- हैलो
पिता- कौन बोल रहा है?
आतंकी- अब्बू...मैं शाहिद बोल रहा हूं।
पिता- आज बड़े दिन बाद फोन किया है। सब ठीक तो है?
आतंकी- टाइम नहीं मिलता, आज मिला तो सोचा हाल खबर ले लूं।
पिता- तुम और तुम्हारे साथी ठीक तो हैं?
आतंकी- मैं तो ठीक हूं लेकिन पांच से छह साथी संक्रमित हो चुके हैं। और इनकी (आकाओं) कोशिश है कि जो संक्रमित हैं उन्हें जल्द से जल्द कश्मीर भेजा जाए।
पिता- उन्होंने कोई इंतजाम नहीं रखा क्या तुम लोगों के लिए वहां?
आतंकी- यहां केवल खुदा ही हाफिज है हमारा। न तो खाना है और न ही दवाइयां। उनके पास अगर कुछ है तो केवल हथियार।
पिता- तेरी मां बहुत परेशान है, जब से तू गया है। अपना ध्यान रखना।
पिता- आने का क्या प्लान है।
आतंकी- परेशान मत हो अल्लाह रहम करेगा। मैं भी कोशिश कर रहा हूं कि कोई रास्ता निकले तो मैं भी कश्मीर आऊं। मेरी ओर से सबको सलाम कहना।
गौरतलब है कि इस आतंकी और उसके द्वारा सोशल मीडिया के जरिए वायरल किए गए ऑडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन ऑडियो के वायरल होते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों की मानें तो यह आतंकी दक्षिणी कश्मीर से ताल्लुक रखता है।
चार अप्रैल को जीओसी मेजर जनरल ए. सेनगुप्ता ने कही थी ये बात
उधर, चार अप्रैल को विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल ए. सेनगुप्ता ने अमर उजाला के साथ बात करते हुए बताया था कि जो लोग पहले से संक्रमित हैं या संक्रमित हुए लोगों के संपर्क में रहे हैं, ऐसे लोगों से भी आतंकी जबरन खाना मांग रहे हैं। इतना ही नहीं ऐसे लोगों के संपर्क में भी आतंकी आ रहे हैं।
ऐसे हालात में इन आतंकियों के जरिए घाटी में संक्रमण फैल सकता है। जीओसी मेजर जनरल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आतंकी को पनाह मत दें। साथ ही इलाके में आतंकियों के पाए जाने पर सूचना दें।
जीओसी के अनुसार सेना की यह रणनीति है कि इलाके में सभी आतंकियों को जल्द मार गिराया जाए ताकि इनके जरिए वायरस न फैल पाए। आतंकी एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं। इस वजह से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना हर समय आवाम की मदद के लिए तैयार है।