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जम्मू-कश्मीर में कोरोना मरीजों के लिए अब होंगे 7500 बेड
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जम्मू। दुनिया में दहशत फैला रहे कोरोना के नए वेरिएंट से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर में कोरोना मरीजों के लिए 7500 बेड तैयार करने पर काम किया जा रहा है। तीसरी लहर की आशंका के बीच 1500 बिस्तर का इजाफा किया जा रहा है। हालांकि संक्रमण में कमी होने पर कई कोविड अस्पतालों से बिस्तर की संख्या कम कर दी गई है, लेकिन भविष्य की जरूरत के मुताबिक इसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डीआरडीओ अस्पताल और जीएमसी इसमें अहम भूमिका निभाएंगे।
जम्मू और श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल में सर्वाधिक 500-500 बिस्तर स्थापित हैं। मौजूदा समय में जम्मू के डीआरडीओ में दो ही मरीज भर्ती हैं, लेकिन नए मामलों को ध्यान में रखते हुए पूर्व तैयारी को सुनिश्चित बनाना शुरू कर दिया गया है। जून में दूसरी लहर के बीच कोरोना के पीक पर होने पर जीएमसी जम्मू में 241 तक बिस्तर स्थापित कर दिए गए थे। इसमें कई वार्डों को कोविड समर्पित वार्ड बना दिया गया। जम्मू संभाग के प्रमुख अस्पतालों में चेस्ट डिजीज अस्पताल जम्मू में 110, राजीव गांधी अस्पताल जम्मू में 65, एस्कॉम जम्मू में 116, जीएमसी राजोरी में 150, जीएमसी कठुआ में 110, नारायणा अस्पताल में 145, डीएच सांबा में 100 और जीएमसी डोडा में 70 बिस्तरों की क्षमता रही है। कश्मीर संभाग के प्रमुख अस्पतालों में जीएमसी श्रीनगर में 300, स्किमस अस्पताल सोरा श्रीनगर में 370, स्किमस बेमिना में 154, डीआरडीओ अस्पताल खानमोह में 500, जेएलएनएम अस्पताल श्रीनगर में 213, जीएमसी बारामुला में 120, एसडीएच सोपोर में 150, जीएमसी अनंतनाग में 120, ट्रॉमा अस्पताल बिजबिहाड़ा में 110 और एनएचपीसी बांदीपोरा में 100 बेड की क्षमता है। इसके अलावा अन्य चिकित्सा केंद्रों में 30 से 40 बिस्तरों की क्षमता है।
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डीआरडीओ में वापस भेजा जा रहा स्टाफ
जम्मू। भविष्य में कोविड संक्रमण के प्रसार की आशंका को देखते हुए डीआरडीओ अस्पताल भगवती नगर जम्मू में वापस भेजे गए स्टाफ को दोबारा बुलाया जा रहा है। अस्पताल में मौजूदा दो ही संक्रमित मरीज भर्ती हैं, जिससे मरीजों के लोड को देखते हुए ही स्टाफ को वापस भेजा जाएगा। अस्पताल में नौ डाक्टरों को वापस भेज दिया गया है। इससे पहले मरीजों का लोड कम होने पर पचास डाक्टरों को जिला स्तर पर अपनी मूल नियुक्ति वाले स्थान पर वापस भेज दिया गया था। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि संक्रमण की निगरानी की जा रही है, जिसमें जरूरत के मुताबिक ही डीआरडीओ में स्टाफ वापस भेजा जाएगा
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एमसीएच को भी तैयार रखा गया
मरीजों का लोड कम होने पर जच्चा बच्चा अस्पताल (एमसीएच) गांधीनगर जम्मू में गैर कोविड चिकित्सा गतिविधियां शुरू करने की तैयारी की जा रही थी, इसके लिए अस्पताल में चार ऑपरेशन थियेटर तैयार किए गए थे, लेकिन संक्रमण का प्रसार बढ़ने पर अभी एमसीएच को कोविड समर्पित अस्पताल ही रखा गया है। यहां 200 बिस्तर स्थापित हैं। दूसरी लहर के दौरान एमसीएच में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज पहुंचे थे।
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जम्मू और श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल में सर्वाधिक 500-500 बिस्तर स्थापित हैं। मौजूदा समय में जम्मू के डीआरडीओ में दो ही मरीज भर्ती हैं, लेकिन नए मामलों को ध्यान में रखते हुए पूर्व तैयारी को सुनिश्चित बनाना शुरू कर दिया गया है। जून में दूसरी लहर के बीच कोरोना के पीक पर होने पर जीएमसी जम्मू में 241 तक बिस्तर स्थापित कर दिए गए थे। इसमें कई वार्डों को कोविड समर्पित वार्ड बना दिया गया। जम्मू संभाग के प्रमुख अस्पतालों में चेस्ट डिजीज अस्पताल जम्मू में 110, राजीव गांधी अस्पताल जम्मू में 65, एस्कॉम जम्मू में 116, जीएमसी राजोरी में 150, जीएमसी कठुआ में 110, नारायणा अस्पताल में 145, डीएच सांबा में 100 और जीएमसी डोडा में 70 बिस्तरों की क्षमता रही है। कश्मीर संभाग के प्रमुख अस्पतालों में जीएमसी श्रीनगर में 300, स्किमस अस्पताल सोरा श्रीनगर में 370, स्किमस बेमिना में 154, डीआरडीओ अस्पताल खानमोह में 500, जेएलएनएम अस्पताल श्रीनगर में 213, जीएमसी बारामुला में 120, एसडीएच सोपोर में 150, जीएमसी अनंतनाग में 120, ट्रॉमा अस्पताल बिजबिहाड़ा में 110 और एनएचपीसी बांदीपोरा में 100 बेड की क्षमता है। इसके अलावा अन्य चिकित्सा केंद्रों में 30 से 40 बिस्तरों की क्षमता है।
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डीआरडीओ में वापस भेजा जा रहा स्टाफ
जम्मू। भविष्य में कोविड संक्रमण के प्रसार की आशंका को देखते हुए डीआरडीओ अस्पताल भगवती नगर जम्मू में वापस भेजे गए स्टाफ को दोबारा बुलाया जा रहा है। अस्पताल में मौजूदा दो ही संक्रमित मरीज भर्ती हैं, जिससे मरीजों के लोड को देखते हुए ही स्टाफ को वापस भेजा जाएगा। अस्पताल में नौ डाक्टरों को वापस भेज दिया गया है। इससे पहले मरीजों का लोड कम होने पर पचास डाक्टरों को जिला स्तर पर अपनी मूल नियुक्ति वाले स्थान पर वापस भेज दिया गया था। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि संक्रमण की निगरानी की जा रही है, जिसमें जरूरत के मुताबिक ही डीआरडीओ में स्टाफ वापस भेजा जाएगा
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एमसीएच को भी तैयार रखा गया
मरीजों का लोड कम होने पर जच्चा बच्चा अस्पताल (एमसीएच) गांधीनगर जम्मू में गैर कोविड चिकित्सा गतिविधियां शुरू करने की तैयारी की जा रही थी, इसके लिए अस्पताल में चार ऑपरेशन थियेटर तैयार किए गए थे, लेकिन संक्रमण का प्रसार बढ़ने पर अभी एमसीएच को कोविड समर्पित अस्पताल ही रखा गया है। यहां 200 बिस्तर स्थापित हैं। दूसरी लहर के दौरान एमसीएच में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज पहुंचे थे।