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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में विधानसभा चुनाव छह महीने के भीतर हों, आजाद बोले- 2024 तक नहीं कर सकते इंतजार

Fri, 09 Dec 2022 12:39 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 09 Dec 2022 12:39 AM IST
सार

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में डीएपी अध्यक्ष गुलाब नबी आजाद ने कहा, हम पिछले कई सालों से बदलाव का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा कि 2018 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग करने की कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन ऐसा होने के बाद चुनाव छह महीने में होने चाहिए थे।

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Jammu Kashmir: Assembly elections should held state within six months, Azad said - cannot wait till 2024
घाटी में जनसभा को संबोधित करते गुलाम नबी आजाद - फोटो : संवाद

विस्तार

श्रीनगर में डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव अगले छह महीने के भीतर होने चाहिएं क्योंकि लोग 2024 तक इंतजार नहीं कर सकते। जम्मू-कश्मीर को आर्थिक और राजनीतिक संकट से बाहर निकालने के लिए चुनाव कराना महत्वपूर्ण है।

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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में संवाददाताओं से बातचीत में आजाद ने कहा, हम पिछले कई सालों से बदलाव का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा कि 2018 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग करने की कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन ऐसा होने के बाद चुनाव छह महीने में होने चाहिए थे।
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उन्होंने कहा, जब यह किया गया था, तब राज्य में कोई आतंकवाद नहीं था, कोई तनाव नहीं था। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, इतने पुराने राज्य का उन्नयन और उसका विभाजन जैसी चीजें अकल्पनीय थीं। इन पांच सालों में कुछ अनहोनी हुई है जिससे हमारे राज्य में हर लिहाज से स्थिति खराब हुई है।
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न कोई जनप्रतिनिधि है, न विधायक, न मंत्री, न मुख्यमंत्री, लोग कहां जाएंगे? न डॉक्टर हैं, न शिक्षक हैं, न सड़कें हैं, न रोजगार है, जनता किसके पास जाए। इसलिए, यहां हर व्यक्ति निराश है, चाहे वह मजदूर हो, युवा हो। आजाद ने कहा कि अगर चुनाव होने के बाद उनकी पार्टी सत्ता में आती है।

हम यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानीय लोगों के लिए नौकरियां और भूमि अधिकार सुरक्षित हों। स्थानीय लोगों के हक के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अगर आप सत्ता में हैं तो आप ताकत की स्थिति से बातचीत करते हैं, इसलिए चुनाव जीतने से हमें अपने लोगों के लिए मोलभाव करने के अपने संकल्प को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके छोटे कार्यकाल के दौरान कुपवाड़ा जिले में स्वीकृत और क्रियान्वित की गई विकास परियोजनाओं ने सीमा क्षेत्र के ढांचागत परिदृश्य को बदल दिया है। तब से सत्ता में कोई भी सरकार कभी भी विकास की गति से मेल नहीं खा सकी और लोगों को सुविधाओं से मिलने वाले सभी लाभों को मेरे कार्यकाल के दौरान ही स्वीकृत या क्रियान्वित किया गया था।


उन्होंने राजनीतिक दलों को चुनौती देते हुए कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्या किया, वह दिखाएं। आजाद ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा, लोगों के लिए चीजें बिल्कुल स्पष्ट होंगी। मैंने लोगों के लिए जो कुछ भी किया, आज उसका जिक्र गर्व से करता हूं। अन्य राजनीतिक दलों को भी अपने ट्रैक रिकॉर्ड के साथ स्पष्ट होना चाहिए और देखते हैं कि कौन कहां खड़ा होता है।

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