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Jammu Election: परिवार में सियासी जंग... चाचा को भतीजा देगा टक्कर; इन सीटों पर आमने-सामने होंगे रिश्तेदार

Wed, 28 Aug 2024 10:57 AM IST
शाहरुख खान रवि वर्मा, अमर उजाला, राजोरी
रवि वर्मा, अमर उजाला, राजोरी Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 28 Aug 2024 10:57 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में रिश्तों में बयानों के वार चलेंगे। चाचा को भतीजा तो मामा को भांजा टक्कर देने को तैयार है। बुद्धल से भाजपा से चौधरी जुलफीकार तो नेकां से भांजा जावेद इकबाल मैदान में है। कालाकोट से भाजपा के रणधीर सिंह तो नेकां से भतीजा यशुवर्धन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।

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jammu kashmir assembly election 2024 Contest between relatives on two seats of Rajori district
Jammu Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार विधानसभा चुनाव में रिश्तेदारी में राजनीतिक जंग दिखेगी। जिले की दो सीटों में एक पर चाचा को भतीजा, तो दूसरी पर मामा को भांजा टक्कर देंगे। बुद्धल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने चौधरी जुल्फिकार अली को टिकट दिया।
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इसी सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की टिकट पर जु्ल्फिकार के भांजे जावेद इकबाल चौधरी चुनाव मैदान में हैं। कालाकोट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने ठाकुर रणधीर सिंह को मैदान में उतारा है, तो इनके भतीजे ठाकुर यशुवर्धन सिंह नेकां की टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं।
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बुद्धल से भाजपा प्रत्याशी चौधरी जुल्फिकार अली नेकां-पीडीपी पर जम्मू-कश्मीर को लूटने के आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों पार्टियां यहां वोट बैंक की राजनीति कर लोगों के साथ छल कर रही हैं। 
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वहीं, नेकां से जुल्फिकार के भांजे जावेद इकबाल चौधरी भाजपा पर धर्म की राजनीति करने के आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा लोगों को आपस में लड़ाकर और विकास के झूठे दावे कर वोट मांग रही है।

उधर, कालाकोट सीट से भाजपा के चाचा ठाकुर रणधीर सिंह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के नारे साथ मतदाताओं को लुभा रहे हैं। नेकां से उनके भतीजे ठाकुर यशुवर्धन सिंह अनुच्छेद 370 वापस लाने, जम्मू-कश्मीर को फिर राज्य का दर्जा दिलाने और अन्य वादों के साथ वोट मांग रहे हैं।

दोनों सीटों पर अपनों के ही चुनाव मैदान में आमने-सामने होने से मुकाबले दिलचस्प हो गए हैं। इन दोनों मुकाबलों में कौन मतदाताओं को लुभाकर बाजी मारेगा, आने वाले समय ही बताएगा।

कभी यशुवर्धन और रणधीर नेकां के लिए मांगते थे वोट, अब धुर विरोधी
कालाकोट से पूर्व विधायक ठाकुर रशपाल सिंह जीवित थे, तो उनके बेटे ठाकुर यशुवर्धन सिंह और उनके भाई ठाकुर रणधीर सिंह मिलकर नेकां के लिए वोट मांगते रहे हैं। अब सियासत में चाचा-भजीता विरोधी बन गए हैं। ऐसा ही बुद्धल और कालाकोट सीट पर देखने को मिल रहा है।

चिनाब वेली की छह सीटों पर सबसे ज्यादा टक्कर
उधर, विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब चुनावी रैली और जनसभाओं का दौर शुरू होगा। पहले चरण में चिनाब वेली (डोडा-किश्तवाड जिले) की छह विधानसभा सीटों पर इस बार सबकी नजरे रहेंगे। इन सीटों पर चार मुख्य राजनीतिक दलों के बीच सीधा मुकाबला होगा, जिसमें भाजपा, कांग्रेस, पीडीपी और नेकां शामिल हैं।

 

चिनाब वेली में डोडा, डोडा पश्चिम, भद्रवाह, किश्तवाड़, पाड्डर नागसेनी और इंदरवाल विधानसभा हैं। परिसीमन के बाद डोडा पश्चिम और पाडर नागसेनी अस्तित्व में आई और पहली बार इन सीटों पर चुनाव हैं। चिनाब वेली की यह छह सीटें इस लिए भी खास बन गई है क्योंकि गठबंधन में होने के बावजूद नेकां और कांग्रेस ने तीन सीटों पर एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं। 

 

इसमें डोडा, भद्रवाह और इंद्रवल सीट हैं। इन सीटों अब पर चार मुख्य दलों के बीच सीधा मुकाबला होगा। ऐसे में यहां चुनाव और भी खास हो गया है। नेशनल कांफ्रेंस ने डोडा सीट से लगातार तीन बार चुनाव हारे खालिद नजीब सोहरवर्दी को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने यहां से गजय सिंह राणा को मैदान में उतारा है। 

 

2014 में भाजपा के शक्ति परिहार इस सीट से जीते थे उन्होंने कांग्रेस नेता अब्दुल मजीद वानी को हराया। वहीं भद्रवाह की सीट पर कांग्रेस ने डीडीसी सदस्य नदीम शरीफ को उतारा जबकि नेकां ने पूर्व पीडीपी नेता मेहबूब इकबाल को उतारा जबकि भाजपा ने दलीप परिहार को दोबारा मौका दिया है। 2014 में दीलप परिहार ने यहां से चुनाव जीता था। 

 

इस तरह किश्तवाड़ सीट से नेकां ने सजाद किचूल को उतारा जबकि पीडीपी से फिरदोस टाक, भाजपा से युवा चेहरे शगुन परिहार को उतारा है। इस सीटे से कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा। 2014 में भाजपा के सुनील शर्मा यहां से जीते थे। इंद्रवाल सीट से भाजपा ने तारिक कीन को उतार है जबकि कांग्रेस ने शेख जफरुल्लाह, पीडीपी ने शेख नासिर हुसैन को उतारा है। 

 

नेकां ने यहां से अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। नए सीट पाडर नागसेनी में कड़ा मुकाबला रहेगा। इस सीट से नेकां ने पूजा ठाकुर, भाजपा ने सुनील शर्मा, पीडपी ने संदेश महाजन को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। डोडा पिश्चम की सीट से भाजपा नेता शक्ति राज परिहार के सामने कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप भगत और पीडीपी उम्मीदवार मंसूर अहम भट के साथ आप से महराज मलिक की चुनौती होगी।

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