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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच अधिकारियों, कर्मियों व विभागों के बंटवारे में आ रही यह दिक्कतें
Wed, 18 Sep 2019 12:15 AM IST
Pranjal Dixit
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 18 Sep 2019 12:15 AM IST
सार
- इस मामले के लिए गठित समिति एक महीने से गजटेड व नॉन गजटेड कर्मियों के बंटवारे पर कर रही होम वर्क
- 31 अक्तूबर से पहले संपत्तियों के साथ ही मानव संसाधन का भी कर लेना है बंटवारा
- बंटवारे में मानव संसाधन सबसे बड़ी चुनौती
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख एक नवंबर से अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आ जाएंगे। इस वजह से संपत्तियों से लेकर मानव संसाधन तक बंटवारे का होमवर्क तेजी से चल रहा है। सबसे बड़ी चुनौती मानव संसाधन के बंटवारे को लेकर है। आईएएस-आईपीएस के साथ ही केएएस व केपीएस अफसरों के अलावा गजटेड और नान गजटेड कर्मियों के बंटवारे पर तेजी के साथ कवायद चल रही है।
राज्य में मौजूदा समय में 66 आईएएस व 531 केएएस अफसर तैनात हैं। 67 आईपीएस अफसर हैं। इनमें से दर्जनभर से अधिक आईएएस व आईपीएस अफसर प्रतिनियुक्ति पर केंद्र या विभिन्न राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जो पिछले एक महीने से कर्मचारियों के बंटवारे को लेकर काम कर रही है। इस कमेटी को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में कामकाज के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था करने संबंधी सिफारिश सौंपने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कमेटी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां भी जम्मू-कश्मीर की तरह कई विभाग खुलेंगे। इस वजह से आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी होनी चाहिए। अभी तक तो जिला होने की वजह से विभिन्न विभागों से जुड़े कामकाज दोनों राजधानियों जम्मू व श्रीनगर में होते रहे हैं। ऐसे में वहां कामकाज का बहुत अधिक लोड नहीं था, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सब कुछ बदल जाएगा।
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कर्मचारियों के बंटवारे में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में इस काम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कुछ नए पद भी सृजित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को उनकी नई तैनाती के बारे में बताकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इस कमेटी में लद्दाख मामलों, सामान्य प्रशासन, संस्कृति, कानून तथा वित्त विभाग के प्रतिनिधियों को रखा गया है।
बिजनेस रुल्स की जानकारी के लिए टीमें कर चुकी हैं दौरा
केंद्र शासित प्रदेश के बिजनेस रुल्स तथा अन्य नियमों के बारे में अध्ययन करने के लिए अधिकारियों का दल विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर चुका है। पीडब्ल्यूडी के कमिश्नर सेक्रेटरी खुर्शीद अहमद शाह व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी सुभाष सी छिब्बर-अंडमान व निकोबार, लद्दाख मामलों के कमिश्नर सेक्रेटरी रिगजिन सैंफल व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी परवेज अहमद रैना-दिल्ली व चंडीगढ़ तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव तलत परवेज रुहैला व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी चंद्रदीप सिंह-पुडुचेरी का दौरा कर चुके हैं। यह तीन दल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुके हैं। अब इन रिपोर्ट के आधार पर दोनों केंद्र शासित प्रदेश के लिए गठित उप समितियां बिजनेस रुल्स का मसौदा तैयार कर रही हैं।
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राज्य में मौजूदा समय में 66 आईएएस व 531 केएएस अफसर तैनात हैं। 67 आईपीएस अफसर हैं। इनमें से दर्जनभर से अधिक आईएएस व आईपीएस अफसर प्रतिनियुक्ति पर केंद्र या विभिन्न राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जो पिछले एक महीने से कर्मचारियों के बंटवारे को लेकर काम कर रही है। इस कमेटी को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में कामकाज के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था करने संबंधी सिफारिश सौंपने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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कमेटी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां भी जम्मू-कश्मीर की तरह कई विभाग खुलेंगे। इस वजह से आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी होनी चाहिए। अभी तक तो जिला होने की वजह से विभिन्न विभागों से जुड़े कामकाज दोनों राजधानियों जम्मू व श्रीनगर में होते रहे हैं। ऐसे में वहां कामकाज का बहुत अधिक लोड नहीं था, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सब कुछ बदल जाएगा।
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कर्मचारियों के बंटवारे में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में इस काम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कुछ नए पद भी सृजित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को उनकी नई तैनाती के बारे में बताकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इस कमेटी में लद्दाख मामलों, सामान्य प्रशासन, संस्कृति, कानून तथा वित्त विभाग के प्रतिनिधियों को रखा गया है।
बिजनेस रुल्स की जानकारी के लिए टीमें कर चुकी हैं दौरा
केंद्र शासित प्रदेश के बिजनेस रुल्स तथा अन्य नियमों के बारे में अध्ययन करने के लिए अधिकारियों का दल विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर चुका है। पीडब्ल्यूडी के कमिश्नर सेक्रेटरी खुर्शीद अहमद शाह व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी सुभाष सी छिब्बर-अंडमान व निकोबार, लद्दाख मामलों के कमिश्नर सेक्रेटरी रिगजिन सैंफल व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी परवेज अहमद रैना-दिल्ली व चंडीगढ़ तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव तलत परवेज रुहैला व जीएडी के एडिशनल सेक्रेटरी चंद्रदीप सिंह-पुडुचेरी का दौरा कर चुके हैं। यह तीन दल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुके हैं। अब इन रिपोर्ट के आधार पर दोनों केंद्र शासित प्रदेश के लिए गठित उप समितियां बिजनेस रुल्स का मसौदा तैयार कर रही हैं।