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जम्मू-कश्मीर: सरकारी वकीलों को भी एडवांस नोटिस देंगे याचिकाकर्ता के वकील
Fri, 23 Apr 2021 11:35 AM IST
करिश्मा चिब
अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 23 Apr 2021 11:35 AM IST
सार
पहले डायरेक्टर लिटिगेशन को ही एडवांस में नोटिस दिया जाता था। कोविड में मुकदमों की सुनवाई करते समय सरकारी वकीलों को पेश आ रही थी समस्या। सरकारी वकीलों को सरकार का पक्ष रखने का मिलेगा पर्याप्त समय।
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jammu highcourt
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हाईकोर्ट में दायर होने वाले मुकदमों का अब सरकारी वकीलों को भी एडवांस में नोटिस देना होगा, ताकि उनके पास सरकार का पक्ष रखने का पर्याप्त समय हो। इससे वह अपने केस को अच्छी तरह से लड़ सकेंगे। हाईकोर्ट ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। इसके तहत अब डायरेक्टर लिटिगेशन के अलावा संबंधित सरकारी वकील को भी एडवांस नोटिस देना होगा।
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जानकारी के अनुसार यदि कोई भी वकील अपने क्लाइंट के हवाले से हाईकोर्ट में किसी भी सरकारी अफसर, विभाग और कर्मी के खिलाफ रिट याचिका, अपील और आवेदन दायर करता है तो उसे संबंधित विभाग के सरकारी वकील को भी पहले नोटिस देना होगा। इससे पहले मुकदमा दायर करने वाले सिर्फ डायरेक्टर लिटिगेशन को ही जानकारी देते थे।
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इसके बाद डायरेक्टर लिटिगेशन संबंधित विभाग को जानकारी देते थे। लेकिन इसमें दो से तीन दिन का वक्त लग जाता था। ऐसे में जब मुकदमे पर सुनवाई होती थी तो सरकारी वकीलों को उसी दिन पेश होकर अपना पक्ष रखना पड़ता था। इसकी वजह से सरकारी वकील अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पा रहे थे। पक्ष रखने के लिए समय नहीं मिलता था।
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सूत्रों का कहना है कि कई सरकारी वकीलों ने विभाग से यह मांग की थी कि उनको भी डायरेक्टर लिटिगेशन के साथ मुकदमे की एडवांस में जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें सरकार का पक्ष रखने के लिए समय मिल सके।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जावेद अहमद की ओर से इसका आदेश जारी किया गया है। दरअसल, कोविड 19 की बंदिशों के चलते इस तरह की दिक्कत अधिक महसूस की जा रही थी। जिस पर अमल करते हुए चीफ जस्टिस ने ऐसा करने का आदेश दिया।