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Jammu News: जंबू जू में जयपुर से तीन लकड़बग्घे लाने की तैयारी
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सेंट्रल जू अथॉरिटी से मिली मंजूरी, जयपुर की हरी झंडी का इंतजार
ग्रे वुल्फ का पर्यटक कर रहे दीदार
प्रवेश कुमारी
जम्मू। जंबू जू में जयपुर से तीन लकड़बग्घे लाने की तैयारी है। इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) से मंजूरी मिल चुकी है। अब जयपुर जू अथॉरिटी (जेजेए) की हरी झंडी का इंतजार है। उससे बात-चीत का आखिरी दौर जारी है। जल्द ही तारीख पर मुहर लग सकती है।
प्रदेश के सबसे बड़े चिड़ियाघर जंबू जू में इस वक्त 18 प्रजातियों के करीब डेढ़ सौ जानवर हैं। इनमें शेर, बंगाल टाइगर, कोबरा, सांप, घड़ियाल, मोर, मगरमच्छ और जंगली बिल्ली आदि शामिल हैं। छुट्टियों में नगरोटा स्थित जंबू जू में इन्हें देखने वालों की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है।
लकड़बग्घों के भी आ जाने से चिड़ियाघर में रखे गए जानवरों की संख्या में इजाफा होगा। इन जानवरों को तकरीबन एक पखवाड़े तक नियमानुसार अलग रखा जाएगा। उधर, चिड़ियाघर में क्वारंटाइन के बाद ग्रे वुल्फ पर्यटक दीदार कर रहे हैं। जहां तक लकड़बग्घों की बात है तो उनके आक्रामक व्यवहार और रिहायशों को लेकर कई अध्ययन किए जा चुके हैं। इनके आधार पर इन्हें मनुष्य के लिए दोस्ताना नहीं माना जा सकता।
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हालांकि, इंसान लकड़बग्घे का आहार नहीं होते, लेकिन वे उन पर हमला कर सकते हैं।
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डोनर जू बताएगा तिथि
लकड़बग्घे जल्द ही जंबू जू आ सकते हैं। सीजेडए की अनुमति मिल चुकी है। डोनर जयपुर जू की तरफ से फाइनल होते ही इन्हें यहां ले आया जाएगा।
-अनिल अत्री, एडिशनल डायरेक्टर, जंबू जू
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ग्रे वुल्फ का पर्यटक कर रहे दीदार
प्रवेश कुमारी
जम्मू। जंबू जू में जयपुर से तीन लकड़बग्घे लाने की तैयारी है। इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) से मंजूरी मिल चुकी है। अब जयपुर जू अथॉरिटी (जेजेए) की हरी झंडी का इंतजार है। उससे बात-चीत का आखिरी दौर जारी है। जल्द ही तारीख पर मुहर लग सकती है।
प्रदेश के सबसे बड़े चिड़ियाघर जंबू जू में इस वक्त 18 प्रजातियों के करीब डेढ़ सौ जानवर हैं। इनमें शेर, बंगाल टाइगर, कोबरा, सांप, घड़ियाल, मोर, मगरमच्छ और जंगली बिल्ली आदि शामिल हैं। छुट्टियों में नगरोटा स्थित जंबू जू में इन्हें देखने वालों की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है।
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लकड़बग्घों के भी आ जाने से चिड़ियाघर में रखे गए जानवरों की संख्या में इजाफा होगा। इन जानवरों को तकरीबन एक पखवाड़े तक नियमानुसार अलग रखा जाएगा। उधर, चिड़ियाघर में क्वारंटाइन के बाद ग्रे वुल्फ पर्यटक दीदार कर रहे हैं। जहां तक लकड़बग्घों की बात है तो उनके आक्रामक व्यवहार और रिहायशों को लेकर कई अध्ययन किए जा चुके हैं। इनके आधार पर इन्हें मनुष्य के लिए दोस्ताना नहीं माना जा सकता।
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हालांकि, इंसान लकड़बग्घे का आहार नहीं होते, लेकिन वे उन पर हमला कर सकते हैं।
डोनर जू बताएगा तिथि
लकड़बग्घे जल्द ही जंबू जू आ सकते हैं। सीजेडए की अनुमति मिल चुकी है। डोनर जयपुर जू की तरफ से फाइनल होते ही इन्हें यहां ले आया जाएगा।
-अनिल अत्री, एडिशनल डायरेक्टर, जंबू जू