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जम्मू-कश्मीर: मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ी भीड़, अतिरिक्त अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए फिर भी नहीं मिली जमीन

Sun, 05 Mar 2023 04:31 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 05 Mar 2023 04:31 PM IST
सार

 जीएमसी जम्मू की इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड पर 24 घंटे में 250 से 300 अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। दोपहर बाद पूरे अस्पताल के अल्ट्रासाउंड का लोड इमरजेंसी की एकमात्र मशीन पर आ जाता है। इसे कम करने के लिए जगह की मांग की गई है। 

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Jammu: Increased rush patients Medical College, still no land available for additional ultrasound machine
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के इंतजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू (जीएमसी) की इमरजेंसी के एकमात्र अल्ट्रासाउंड मशीन पर मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। वहीं, अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग ने अतिरिक्त अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने के लिए जीएमसी प्रशासन से जगह की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई स्थान उपलब्ध नहीं करवाया गया है।

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नतीजतन खासतौर पर दोपहर बाद पूरे अस्पताल के अल्ट्रासाउंड का लोड इमरजेंसी की एकमात्र मशीन पर आ जाता है। कई बार मरीज को अपने अल्ट्रासाउंड के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में लंबे समय से कम से कम दो अल्ट्रासाउंड मशीनों की जरूरत महसूस की जा रही है।
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जीएमसी की इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड पर 24 घंटे में 250 से 300 अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। दिन में रेडियोलॉजी विभाग के अलावा एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) में अल्ट्रासाउंड मशीनें चलाई जा रही हैं। रेडियोलॉजी विभाग में सुबह दस से शाम चार बजे तक दो अल्ट्रासाउंड टेबल पर टेस्ट किए जाते हैं।
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एक समस्या यह भी है कि विभिन्न विभागों के डाक्टरों द्वारा गैर जरूरी जांच के लिए भी अल्ट्रासाउंड लिखकर दे दिए जा रहे हैं। जिससे अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों का लोड बढ़ा है। इमरजेंसी में आने वाले पेट संबंधी लगभग मरीजों को अल्ट्रासाउंड लिखकर दे दिया जाता है।

दोपहर की शिफ्ट के बाद इमरजेंसी की एकमात्र अल्ट्रासाउंड मशीन चलाई जाती है। अब सवाल यह भी उठता है कि सामान्य तौर पर एक अल्ट्रासाउंड में 15 से 20 मिनट का समय लगता है, लेकिन मरीजों की अधिक भीड़ होने के कारण एक अल्ट्रासाउंड कुछ ही मिनटों में कर दिया जाता है।

इसके बाद अल्ट्रासाउंड फिल्म देने की बजाय इमरजेंसी कार्ड पर ही अल्ट्रासाउंड जांच नतीजा लिखकर दे दिया जाता है। विशेष तौर पर रात के समय इमरजेंसी की एकमात्र अल्ट्रासाउंड मशीन पर लंबी लाइन लगी मिलती है। 

जीएमसी की इमरजेंसी में शनिवार की दोपहर पहुंचे उधमपुर निवासी रोमेश कुमार ने कहा कि उन्हें अपने मरीज का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए डेढ़ घंटा इंतजार करना पड़ा। इससे मरीज के साथ तीमारदार परेशान रहते हैं। इमरजेंसी में कम से कम दो अल्ट्रासाउंड मशीनें होनी चाहिए। 

जीएमसी की इमरजेंसी के अल्ट्रासाउंड सेक्शन में शनिवार की दोपहर तालाब तिल्लो निवासी भूपेंद्र सिंह अपने मरीज के दर्द को लेकर काफी परेशान रहे। लंबी लाइन के कारण उन्हें एक घंटा इंतजार करना पड़ा। इस दौरान मरीज को कई बार पानी पिलाया गया। 

कमरा मिले तो अतिरिक्त मशीनें चलाएंगे 

इमरजेंसी में मरीजों के लोड को देखते हुए अतिरिक्त अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए जीएमसी प्रशासन से जगह की मांग की गई है, अगर जगह उपलब्ध हो जाती है, तो मशीनें लगा दी जाएंगी। विभिन्न विभागों ने अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को भेजा जा रहा है, ऐसे में मरीज को मना नहीं किया जा सकता है। - डॉ. कुलभूषण गुप्ता, एचओडी, रेडियोलाॅजी विभाग

नई जगह की तलाश की जा रही

मरीजों के लोड को देखते हुए अतिरिक्त अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने के लिए नई जगह की तलाश की जा रही है। पहले से अल्ट्रासाउंड टेस्ट बढ़ाए गए हैं। - डॉ. शशि सूदन, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू

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