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Jammu News: 19 लाख बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाने का लक्ष्य
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जम्मू-कश्मीर में पल्स पोलियो अभियान तीन से, भारी बर्फबारी की सूरत में के विस्तार का प्रावधान
जोखिम क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित रहेगा, 43 हजार से अधिक कर्मियों की ली जाएंगी सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में तीन मार्च से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान में 0-5 वर्ष के करीब 19 लाख बच्चों को दो बूंद जिंदगी की (पोलियो निरोधक ड्राप्स) पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कुल लक्षित 1874525 बच्चों में से जम्मू संभाग में 888424 और कश्मीर संभाग में 1067627 बच्चों को पहले दिन बूथ और अगले दो दिन डोर-टू-डोर अभियान में कवर किया जाएगा। हालांकि एक से तीन मार्च को कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है, जिससे बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के विस्तार का प्रावधान होगा।
जम्मू-कश्मीर में पल्स पोलियो अभियान के लिए 10799 बूथ स्थापित किए गए हैं, जिसमें जम्मू संभाग में 1180 बूथ स्थापित होंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए 43742 वेक्सीनेटर को प्रशिक्षित किया गया है। जिसमें 2228 सुपरवाइजरों की सेवाएं ली जाएंगी। पांच बूथों पर एक सुपरवाइजर रहेगा। इसके अलावा 833 ट्रांजिट बूथ काम करेंगे, जो रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड, संडे मार्केट, भीड़भाड़े बाजार, विख्यात बाल विशेषज्ञ आदि स्थानों पर सक्रिय होंगे। जोखिम क्षेत्रों में झुग्गी झोंपड़ी, ईंट भट्ठा आदि स्थानों पर मोबाइल टीमें पहुंचकर बच्चों को कवर करेंगी।
अफवाह से निपटेंगी जिला टास्क फोर्स : विभाग
परिवार कल्याण विभाग की प्रभारी डाॅ. तब्बुसम जबीन ने बताया कि कई सालों से भारत पोलियो मुक्त है। लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान में आज भी पोलियो के मामले मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर ऐसे देशों की सीमाओं से जुड़ा है, जिससे यहां भी पोलियो की चुनौती रहती है। अभियान के दौरान किसी तरह की अफवाहों और अड़चनों से निपटने के लिए जिला स्तर पर डीसी की देखरेख में जिला टास्क फोर्स काम करेंगी। धार्मिक गुरुओं की मदद ली गई है, ताकि अभियान और वैक्सीन के बारे सही प्रचार हो सके। पोलियो वायरस किसी क्षेत्र में पानी के माध्यम से भी पहुंच सकता है और यह बच्चों के नर्विस सिस्टम को प्रभावित करता है। सभी जगह पर वैक्सीन पहुंचा दी गई हैं, जिसमें बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर की सेवाएं ली गई हैं।
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जोखिम क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित रहेगा, 43 हजार से अधिक कर्मियों की ली जाएंगी सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में तीन मार्च से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान में 0-5 वर्ष के करीब 19 लाख बच्चों को दो बूंद जिंदगी की (पोलियो निरोधक ड्राप्स) पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कुल लक्षित 1874525 बच्चों में से जम्मू संभाग में 888424 और कश्मीर संभाग में 1067627 बच्चों को पहले दिन बूथ और अगले दो दिन डोर-टू-डोर अभियान में कवर किया जाएगा। हालांकि एक से तीन मार्च को कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है, जिससे बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के विस्तार का प्रावधान होगा।
जम्मू-कश्मीर में पल्स पोलियो अभियान के लिए 10799 बूथ स्थापित किए गए हैं, जिसमें जम्मू संभाग में 1180 बूथ स्थापित होंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए 43742 वेक्सीनेटर को प्रशिक्षित किया गया है। जिसमें 2228 सुपरवाइजरों की सेवाएं ली जाएंगी। पांच बूथों पर एक सुपरवाइजर रहेगा। इसके अलावा 833 ट्रांजिट बूथ काम करेंगे, जो रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड, संडे मार्केट, भीड़भाड़े बाजार, विख्यात बाल विशेषज्ञ आदि स्थानों पर सक्रिय होंगे। जोखिम क्षेत्रों में झुग्गी झोंपड़ी, ईंट भट्ठा आदि स्थानों पर मोबाइल टीमें पहुंचकर बच्चों को कवर करेंगी।
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अफवाह से निपटेंगी जिला टास्क फोर्स : विभाग
परिवार कल्याण विभाग की प्रभारी डाॅ. तब्बुसम जबीन ने बताया कि कई सालों से भारत पोलियो मुक्त है। लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान में आज भी पोलियो के मामले मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर ऐसे देशों की सीमाओं से जुड़ा है, जिससे यहां भी पोलियो की चुनौती रहती है। अभियान के दौरान किसी तरह की अफवाहों और अड़चनों से निपटने के लिए जिला स्तर पर डीसी की देखरेख में जिला टास्क फोर्स काम करेंगी। धार्मिक गुरुओं की मदद ली गई है, ताकि अभियान और वैक्सीन के बारे सही प्रचार हो सके। पोलियो वायरस किसी क्षेत्र में पानी के माध्यम से भी पहुंच सकता है और यह बच्चों के नर्विस सिस्टम को प्रभावित करता है। सभी जगह पर वैक्सीन पहुंचा दी गई हैं, जिसमें बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर की सेवाएं ली गई हैं।
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