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Jammu News: छह साल के नवीनीकरण के बाद खुला चोपड़ा नर्सिंग होम
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जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता संकाय सदस्यों को कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम के कमरों को सौं
पहले चरण में चौथी और पांचवीं मंजिल पर 20 कमरों को संकाय को सौंपा
-इस माह के आखिर तक भूतल से तीसरे मंजिल तक मरीजों के लिए पेड चिकित्सा शुरू करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आखिरकार छह माह के नवीनीकरण कार्यों के बाद जीएमसी के कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम को शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में नए संकाय (फैकल्टी) कक्ष में बीस कमरों को संकाय सदस्यों को सौंपा गया है। इसी माह के आखिर में मरीजों के लिए भी पेड चिकित्सा सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इस नर्सिंग होम को अगस्त 2017 में लीकेज और शार्ट सर्किट के बाद बंद कर दिया गया था, जिसके बाद विभिन्न कारणों से इसे बहाल करने में देरी हुई।
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक मंजिल पर 16-16 कमरें स्थापित हैं। नवीनीकरण के बाद चौथी और पांचवीं मंजिल में संकाय सदस्यों के लिए आरामदायक और सुविधाओं से लैस कमरे तैयार किए गए हैं। पूरा नर्सिंग होम केंद्रीकृत वातानुकूलित बनाया गया है। थियेटर कांप्लेक्स और अन्य छोटे कार्य पूरे होने के बाद मरीजों के लिए भूतल से तीसरी मंजिल तक पेड चिकित्सा देखभाल शुरू कर दी जाएगी।
प्रो. संजन वसीन ने कहा कि संकाय को बैठने के लिए बेहतर जगह मिलने से उनके कामकाज में और सुधार आएगा। वहीं, इस नर्सिंग होम को 2020 में सुस्त परियोजनाओं में शामिल करके इसके जीर्णोद्वार के लिए साढ़े 13 करोड़ रुपये का बजट लाया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती चली गई। जीएमसी के विभिन्न यूनिटों में सामान्य सर्जरी के लिए महीनों बाद की मरीज को तिथि मिलती है। लेकिन नर्सिंग होम में निर्धारित दरों पर मरीज को पैकेज में सर्जरी करवाने का विकल्प दिया जाता है। इस नर्सिंग होम में पहले रोजाना 2-4 गाल ब्लेडर, पत्थरी, किडनी पत्थरी, बवासीर, फिस्टुला आदि की सर्जरी की जाती थी। इसमें 14 हजार रुपये में बिना वातानुकूलित और 16 हजार रुपये में वातानुकूलित के पैकेज में सर्जरी का प्रावधान था। इस नर्सिंग होम के तीसरे फ्लोर पर 11 अगस्त 2015 को कैंसर मरीजों के लिए आन्कोलाजी वार्ड को शुरू किया गया था, जो चलता रहा। लेकिन नर्सिंग होम के बंद रहने से लोगों को पेड चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही थी, जबकि जीएमसी श्रीनगर के नर्सिंग होम में सरकारी दर्रों पर नियमित रूप से मरीजों को पेड चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
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-इस माह के आखिर तक भूतल से तीसरे मंजिल तक मरीजों के लिए पेड चिकित्सा शुरू करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आखिरकार छह माह के नवीनीकरण कार्यों के बाद जीएमसी के कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम को शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में नए संकाय (फैकल्टी) कक्ष में बीस कमरों को संकाय सदस्यों को सौंपा गया है। इसी माह के आखिर में मरीजों के लिए भी पेड चिकित्सा सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इस नर्सिंग होम को अगस्त 2017 में लीकेज और शार्ट सर्किट के बाद बंद कर दिया गया था, जिसके बाद विभिन्न कारणों से इसे बहाल करने में देरी हुई।
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक मंजिल पर 16-16 कमरें स्थापित हैं। नवीनीकरण के बाद चौथी और पांचवीं मंजिल में संकाय सदस्यों के लिए आरामदायक और सुविधाओं से लैस कमरे तैयार किए गए हैं। पूरा नर्सिंग होम केंद्रीकृत वातानुकूलित बनाया गया है। थियेटर कांप्लेक्स और अन्य छोटे कार्य पूरे होने के बाद मरीजों के लिए भूतल से तीसरी मंजिल तक पेड चिकित्सा देखभाल शुरू कर दी जाएगी।
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प्रो. संजन वसीन ने कहा कि संकाय को बैठने के लिए बेहतर जगह मिलने से उनके कामकाज में और सुधार आएगा। वहीं, इस नर्सिंग होम को 2020 में सुस्त परियोजनाओं में शामिल करके इसके जीर्णोद्वार के लिए साढ़े 13 करोड़ रुपये का बजट लाया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती चली गई। जीएमसी के विभिन्न यूनिटों में सामान्य सर्जरी के लिए महीनों बाद की मरीज को तिथि मिलती है। लेकिन नर्सिंग होम में निर्धारित दरों पर मरीज को पैकेज में सर्जरी करवाने का विकल्प दिया जाता है। इस नर्सिंग होम में पहले रोजाना 2-4 गाल ब्लेडर, पत्थरी, किडनी पत्थरी, बवासीर, फिस्टुला आदि की सर्जरी की जाती थी। इसमें 14 हजार रुपये में बिना वातानुकूलित और 16 हजार रुपये में वातानुकूलित के पैकेज में सर्जरी का प्रावधान था। इस नर्सिंग होम के तीसरे फ्लोर पर 11 अगस्त 2015 को कैंसर मरीजों के लिए आन्कोलाजी वार्ड को शुरू किया गया था, जो चलता रहा। लेकिन नर्सिंग होम के बंद रहने से लोगों को पेड चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही थी, जबकि जीएमसी श्रीनगर के नर्सिंग होम में सरकारी दर्रों पर नियमित रूप से मरीजों को पेड चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
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