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Jammu News: दिवाली पर चार को मिला रोशनी का उपहार
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जीएमसी में सफल कार्निया प्रत्यारोपण, जैन समाज मानव कल्याण के लिए आया आगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। इस दिवाली के पर्व में चार लोगों को रोशनी का उपहार मिला है। जैन समाज से दो लोगों के निधन पर परिवारवालों ने उनके कार्निया (नेत्र) दानकर मानव कल्याण का काम किया है। इससे जीएमसी के नेत्र रोग विभाग में चार लोगों के सफल कार्निया प्रत्यारोपण करके उन्हें नई दुनिया देखने का अवसर दिया गया है। जैन समुदाय की ओर से कार्निया दान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बताया जाता है कि गत वीरवार को जैन बाजार से जैन समुदाय की एक 75 वर्षीय महिला का निधन हो गया। इसके अगले दिन शक्ति नगर में भी एक 55 वर्षीय पुरुष सदस्य का निधन हुआ। जैन समाज से इसकी जानकारी मिलने पर भारतीय जैन संगठन मोक्ष पथ की टीम ने दिवंगत के आवासों पर पहुंचकर उन्हें नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित और जागरूक किया। इसके बाद दोनों परिवार अपने प्रिय के नेत्र करने के लिए राजी हो गए।
जीएमसी के नेत्र रोग विभाग को सूचित किया गया। इसमें पुरुष सदस्य के आवास पर ही दिवंगत के नेत्र लिए गए। इसी तरह महिला सदस्य के नेत्र जीएमसी में निकाले गए, जिसके बाद दोनों के नेत्र चार जरूरत मंद लोगों में प्रत्यारोपण किए गए। एक दिवंगत व्यक्ति के नेत्र दो जरूरतमंदों को दिए जा सकते हैं, ताकि एक एक नेत्र से दोनों देख सकें। इससे पहले गत सोमवार भी जैन समुदाय से पक्का डंगा निवासी 47 वर्षीय एक पुरुष सदस्य के नेत्र दान किए गए थे, जो दो जरूरतमंद लोगों को लगाए गए।
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समर्पित टीमें समुदाय के परिवारों को नेत्रदान के लिए कर रहीं जागरूक : संगठन
भारतीय जैन संगठन जेएंडके के अध्यक्ष संदीप जैन का कहना है कि हमारी समर्पित टीमें जैन समुदाय के परिवारों में नेत्रदान के लिए लगातार जागरूक कर रही हैं। हमें कहीं से किसी के निधन होने की सूचना पर उनके पास पहुंचकर ऐसी जागरूकता के लिए प्रेरित किया जा है, जिसमें अब तक अधिकांश मामलों में परिवारों ने अपने प्रिय के नेत्रदान किए हैं। नेत्रदान से बड़ा कोई दान नहीं है, जिसमें आप अपनों के चले जाने के बाद भी दूसरों में अपनों के नेत्रों को देख सकते हैं।
नेत्रदान के लिए विभाग प्रमुख ने जताया आभार
नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डाॅ. अशोक शर्मा ने कहा कि हम नेत्रदान करने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, जिनके निस्वार्थ निर्णयों ने चार लोगों को फिर से देखने की क्षमता दी है। हमारे स्टाफ का की कड़ी मेहनत से ये सफल सर्जरी दृष्टि बहाल करने और अंधेपन और दृष्टि दोष से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जीएमसी जम्मू की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. हंसराज शर्मा (प्रोफेसर), डॉ. नलिनी बीरपुरी (एसआर), डॉ. भव्या जाद (एसआर), डॉ. चंदनमीत (पीजी) डॉ. आबिद (पीजी), डॉ. समा (पीजी), ओटी प्रभारी कमलेश कुमारी आदि ने योगदान दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। इस दिवाली के पर्व में चार लोगों को रोशनी का उपहार मिला है। जैन समाज से दो लोगों के निधन पर परिवारवालों ने उनके कार्निया (नेत्र) दानकर मानव कल्याण का काम किया है। इससे जीएमसी के नेत्र रोग विभाग में चार लोगों के सफल कार्निया प्रत्यारोपण करके उन्हें नई दुनिया देखने का अवसर दिया गया है। जैन समुदाय की ओर से कार्निया दान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बताया जाता है कि गत वीरवार को जैन बाजार से जैन समुदाय की एक 75 वर्षीय महिला का निधन हो गया। इसके अगले दिन शक्ति नगर में भी एक 55 वर्षीय पुरुष सदस्य का निधन हुआ। जैन समाज से इसकी जानकारी मिलने पर भारतीय जैन संगठन मोक्ष पथ की टीम ने दिवंगत के आवासों पर पहुंचकर उन्हें नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित और जागरूक किया। इसके बाद दोनों परिवार अपने प्रिय के नेत्र करने के लिए राजी हो गए।
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जीएमसी के नेत्र रोग विभाग को सूचित किया गया। इसमें पुरुष सदस्य के आवास पर ही दिवंगत के नेत्र लिए गए। इसी तरह महिला सदस्य के नेत्र जीएमसी में निकाले गए, जिसके बाद दोनों के नेत्र चार जरूरत मंद लोगों में प्रत्यारोपण किए गए। एक दिवंगत व्यक्ति के नेत्र दो जरूरतमंदों को दिए जा सकते हैं, ताकि एक एक नेत्र से दोनों देख सकें। इससे पहले गत सोमवार भी जैन समुदाय से पक्का डंगा निवासी 47 वर्षीय एक पुरुष सदस्य के नेत्र दान किए गए थे, जो दो जरूरतमंद लोगों को लगाए गए।
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समर्पित टीमें समुदाय के परिवारों को नेत्रदान के लिए कर रहीं जागरूक : संगठन
भारतीय जैन संगठन जेएंडके के अध्यक्ष संदीप जैन का कहना है कि हमारी समर्पित टीमें जैन समुदाय के परिवारों में नेत्रदान के लिए लगातार जागरूक कर रही हैं। हमें कहीं से किसी के निधन होने की सूचना पर उनके पास पहुंचकर ऐसी जागरूकता के लिए प्रेरित किया जा है, जिसमें अब तक अधिकांश मामलों में परिवारों ने अपने प्रिय के नेत्रदान किए हैं। नेत्रदान से बड़ा कोई दान नहीं है, जिसमें आप अपनों के चले जाने के बाद भी दूसरों में अपनों के नेत्रों को देख सकते हैं।
नेत्रदान के लिए विभाग प्रमुख ने जताया आभार
नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डाॅ. अशोक शर्मा ने कहा कि हम नेत्रदान करने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, जिनके निस्वार्थ निर्णयों ने चार लोगों को फिर से देखने की क्षमता दी है। हमारे स्टाफ का की कड़ी मेहनत से ये सफल सर्जरी दृष्टि बहाल करने और अंधेपन और दृष्टि दोष से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जीएमसी जम्मू की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. हंसराज शर्मा (प्रोफेसर), डॉ. नलिनी बीरपुरी (एसआर), डॉ. भव्या जाद (एसआर), डॉ. चंदनमीत (पीजी) डॉ. आबिद (पीजी), डॉ. समा (पीजी), ओटी प्रभारी कमलेश कुमारी आदि ने योगदान दिया।