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जम्मू: मांगों को लेकर जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी 22 दिसंबर को करेंगे महारैली
Fri, 09 Dec 2022 04:39 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 09 Dec 2022 04:39 PM IST
सार
कर्मचारियों का कहना है कि जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने कहा कि 30 सालों से झूठे आश्वासन देकर इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी सरकार, राज्यपाल और उप राज्यपाल शासन ने सुध नहीं ली है। लेकिन इस बार कर्मचारी हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
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Jammu
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्थायी होने और लंबित वेतन जारी करने की मांग पर जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों दौ सौ दिनों से अधिक दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मियों को स्थाई करना तो दूर। उनके 90 महीनों का वेतन तक जारी नहीं किया जा रहा। इसकी वजह से कर्मी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
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17 अक्तूबर को उच्च अधिकारियों की तरफ से कमेटी गठित कर समस्याओं को हल पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसा में आगामी 22 दिसंबर को जम्मू में कर्मचारी महारैली कर अपना रोष जताएंगे।
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कर्मचारियों का कहना है कि जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने कहा कि 30 सालों से झूठे आश्वासन देकर इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी सरकार, राज्यपाल और उप राज्यपाल शासन ने सुध नहीं ली है। लेकिन इस बार कर्मचारी हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कर्मियों को छह से सात हजार रुपये प्रतिमाह मेहनताना दिया जा रहा है, जो महंगाई के दौर में नाकाफी है। एलजी प्रशासन की ओर से मांगों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये हैं अस्थायी कर्मियों की मांगें
1. समय अवधि पूरी कर चुके अस्थायी कर्मियों को नियमित करना
2. न्यूनतम वेतन प्रतिदिन 618 रुपये तय करना
3. 90 माह का लंबित वेतन जारी करना