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Jammu News: हेरथ मिलन 16 को, कश्मीरी पंडित देंगे एकता का संदेश
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हर साल महाशिवरात्रि से पहले हेरथ मिलन कार्यक्रम का होता है आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। महाशिवरात्रि से पूर्व कश्मीरी पंडितों का हेरथ मिलन समारोह 16 फरवरी को मनाया जाएगा। कश्मीरी पंडित महाशिवरात्रि को हेरथ के रूप में मनाते हैं। कश्मीरी पंडित समुदाय में भाईचारे और सद्भाव को बढ़ाने के उद्देश्य से महाशिवरात्रि पर्व के मौके पर हर साल हेरथ मिलन कार्यक्रम का आयोजन होता है।
इसके माध्यम से समुदाय को मजबूत बनाने का संदेश भी दिया जाता है। एक दिन के इस कार्यक्रम में कश्मीरी पंडितों की लोक संस्कृति भी देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में कई नामी कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ महाशिवरात्रि के महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा। युवा पीढ़ी को इसके महत्व से रूबरू करवाया जाएगा।
कार्यक्रम में समुदाय के लोगों को सम्मानित भी किया जाता है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही हैं। यूथ आल इंडिया कश्मीरी समाज के अध्यक्ष आरके भट्ट ने कहा कि इस मिलन का विषय कश्मीरी पंडित समुदाय को उनकी खोई हुई जड़ों से फिर से जोड़ना और जम्मू-कश्मीर प्रदेश में शांति और सद्भावना बढ़ाना है।
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उन्होंने कहा कि एक सप्ताह से अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम होते है, फिर इसका समापन किया जाता है। इस कार्यक्रम के बाद घरों के महाशिवरात्रि पर्व मानाने का सिलसिला शुरू होता है।
हेरथ पर्व की खास बातें
इस त्योहार के दिन पूजन में प्रयोग में लाए जाने वाले बर्तनों को प्रतीकों के रूप में प्रयोग किया जाता है। उपलब्धता के अनुरूप कई घरों में पुराने समय के पीतल के बर्तनों को प्रयोग में लाते हैं। इस पूजन व घरों में बनने वाले व्यंजनों में कमल ककड़ी और गांठगोभी काफी प्रमुख होती है। जम्मू-कश्मीर में इसे मोंजी और नदरू के नाम से जाना जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। महाशिवरात्रि से पूर्व कश्मीरी पंडितों का हेरथ मिलन समारोह 16 फरवरी को मनाया जाएगा। कश्मीरी पंडित महाशिवरात्रि को हेरथ के रूप में मनाते हैं। कश्मीरी पंडित समुदाय में भाईचारे और सद्भाव को बढ़ाने के उद्देश्य से महाशिवरात्रि पर्व के मौके पर हर साल हेरथ मिलन कार्यक्रम का आयोजन होता है।
इसके माध्यम से समुदाय को मजबूत बनाने का संदेश भी दिया जाता है। एक दिन के इस कार्यक्रम में कश्मीरी पंडितों की लोक संस्कृति भी देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में कई नामी कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ महाशिवरात्रि के महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा। युवा पीढ़ी को इसके महत्व से रूबरू करवाया जाएगा।
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कार्यक्रम में समुदाय के लोगों को सम्मानित भी किया जाता है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही हैं। यूथ आल इंडिया कश्मीरी समाज के अध्यक्ष आरके भट्ट ने कहा कि इस मिलन का विषय कश्मीरी पंडित समुदाय को उनकी खोई हुई जड़ों से फिर से जोड़ना और जम्मू-कश्मीर प्रदेश में शांति और सद्भावना बढ़ाना है।
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उन्होंने कहा कि एक सप्ताह से अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम होते है, फिर इसका समापन किया जाता है। इस कार्यक्रम के बाद घरों के महाशिवरात्रि पर्व मानाने का सिलसिला शुरू होता है।
हेरथ पर्व की खास बातें
इस त्योहार के दिन पूजन में प्रयोग में लाए जाने वाले बर्तनों को प्रतीकों के रूप में प्रयोग किया जाता है। उपलब्धता के अनुरूप कई घरों में पुराने समय के पीतल के बर्तनों को प्रयोग में लाते हैं। इस पूजन व घरों में बनने वाले व्यंजनों में कमल ककड़ी और गांठगोभी काफी प्रमुख होती है। जम्मू-कश्मीर में इसे मोंजी और नदरू के नाम से जाना जाता है।