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डोगरी भाषा को पहचान मिलने से सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी मजबूती : मार्तंड
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मार्तंड सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तरफ से संसद में छह अतिरिक्त भाषाओं के साथ डोगरी भाषा को भी शामिल करने पर महाराजा हरि सिंह के प्रपौत्र मार्तंड सिंह ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि डोगरी भाषा के अनुवाद सेवाओं केे विस्तार का निर्णय डोगरा समाज के लिए गर्व की बात है। राष्ट्रीय स्तर पर डोगरी भाषा को यह पहचान मिलना हमारे सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करता है और यह सुनिश्चित करता है कि डोगरों की आवाज देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था में भी गूंजे।
गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संसद में अनुवाद सेवाओं का विस्तार कर छह नई भाषाओं डोगरी, बोडो, मैथिली, मणिपुरी, संस्कृत और उर्दू को शामिल करने की घोषणा की थी।
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जम्मू। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तरफ से संसद में छह अतिरिक्त भाषाओं के साथ डोगरी भाषा को भी शामिल करने पर महाराजा हरि सिंह के प्रपौत्र मार्तंड सिंह ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि डोगरी भाषा के अनुवाद सेवाओं केे विस्तार का निर्णय डोगरा समाज के लिए गर्व की बात है। राष्ट्रीय स्तर पर डोगरी भाषा को यह पहचान मिलना हमारे सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करता है और यह सुनिश्चित करता है कि डोगरों की आवाज देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था में भी गूंजे।
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गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संसद में अनुवाद सेवाओं का विस्तार कर छह नई भाषाओं डोगरी, बोडो, मैथिली, मणिपुरी, संस्कृत और उर्दू को शामिल करने की घोषणा की थी।
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