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समावेशी, विकसित जम्मू-कश्मीर के लिए प्रशासन और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी : एलजी

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jammu club program
- उपराज्यपाल ने जम्मू क्लब में नई सुविधाओं का किया शुभारंभ, जम्मू क्लब के सदस्यों के प्रयासों की तारिफ की
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- अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जहां भी आवश्यक हो, हमें सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहिए
- हम आम आदमी के जीवन को बदलने के लिए समर्पण, प्रतिबद्धता और दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एक समावेशी और विकसित जम्मू-कश्मीर बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। यह सभी के लिए आत्म निरीक्षण करने का समय है क्योंकि अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जहां भी आवश्यक हो, हमें सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहिए। इससे प्रदेश विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जम्मू क्लब में नई सुविधाओं के शुभारंभ मौके पर कही। साथ ही जम्मू क्लब के सदस्यों को सांस्कृतिक और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में उनके अपार योगदान के लिए बधाई दी। उपराज्यपाल ने परिवर्तन एजेंट और समाज की चेतना के रूप में काम करने के लिए क्लब के 3000 सदस्यों के प्रयासों को भी सराहा। उपराज्यपाल ने कहा कि अमृत काल औपनिवेशिक मानसिकता के सभी निशानों को हटाने और सामुदायिक विकास के माध्यम से क्लबों को बढ़ावा देने और सामाजिक परिवर्तन को प्रेरित करने का एक उपयुक्त अवसर है।
हम आम आदमी के जीवन को बदलने के लिए समर्पण, प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। संपत्ति कर पर गलत सूचना का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने और सच्चाई और तथ्यों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सब को समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। समाज केवल बुनियादी ढांचे और भौतिक सुख-सुविधाओं से नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के निर्वहन से आगे बढ़ता है।
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शहरी क्षेत्रों में 5,20,000 घरों में से, 2,06,000 यानी 40 फीसदी घर जो 1000 वर्ग फुट से कम हैं, को पूरी तरह से छूट दी गई है। अन्य घरों पर न्यूनतम टैक्स लगाया गया है। हमने ऐसी व्यवस्था की है कि 5,20,000 घरों में से 4,09,600 घरों (80%) को या तो पूरी तरह से छूट दी जाएगी या सालाना संपत्ति कर के रूप में 1000 रुपये से कम का भुगतान करना होगा। इसी तरह, शहरी क्षेत्रों में 1,01,000 दुकानों में से लगभग 76,000 यानी 75 प्रतिशत दुकानें ऐसी हैं जो सालाना 2000 रुपये से कम संपत्ति कर का भुगतान करेंगी।
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उपराज्यपाल ने आगे कहा कि हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के इच्छुक हैं। अधिकतम सार्वजनिक सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। निर्धारित समय में सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर उन राज्यों में शामिल था, जिसने कोविड के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। यूटी में एक लाख करोड़ रुपये की राजमार्ग और सड़क परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
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