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Jammu News: बाजार खुले, रौनक गायब, शाम ढलते ही गिरे प्रतिष्ठानों के शटर
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पाकिस्तानी ड्रोन, मिसाइल हमले और गोलाबारी की दहशत बरकरार, दुकानदारों बोले- पाकिस्तान की नीयत पर यकीन नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद रविवार को शहर के आधे बाजार खुले, लेकिन खरीदारों की रौनक गायब रही। पाकिस्तानी ड्रोन, मिसाइल हमले और गोलाबारी की दहशत बरकरार है। ग्रामीण क्षेत्रों से न के बराबर लोगों ने शहर की ओर रुख किया है। प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले मुलाजिम भी नहीं पहुंचे हैं। शाम ढलते ही एहतियातन दुकानदार प्रतिष्ठानों के शटर बंद कर घरों को लौट गए।
दुकानदारों का कहना है कि पाकिस्तान की नीयत पर कोई यकीन नहीं है, वे कभी भी हालात खराब कर सकता है। इसलिए अभी बाजारों में पहले की तरह भीड़ लौटने में समय लगेगा। शहर के जैन बाजार, पीर मिट्ठा, लखदात्ता, शहीदी चौक, जैन बाजार, कनक मंडी, वेयरहाउस, तालाब तिल्लो और जानीपुर आदि में प्रमुख बाजारों में गिनेचुने ही प्रतिष्ठान खुले।
रविवार को खासतौर पर शहर के अति व्यस्तम रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, शालामार, पुरानी मंडी, राज तिलक रोड, मोती बाजार और पक्का डंगा आदि में सामान्य दिनों के मुकाबले 10 फीसदी तक ही खरीदार पहुंचे। मोती बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान अजय कुमार ने बताया कि उनके बाजार में मनियारी, फुटवेयर सहित लगभग हर आइटम उपलब्ध है। बाजार में रविवार को चलना भी मुश्किल रहता था, लेकिन पूरा दिन लगभग सन्नाटा रहा है। दुकानों पर काम करने वाले मुलाजिम भी नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे प्रतिष्ठानों में सीमित ही मुलाजिम मौजूद हैं।
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पुरानी मंडी बिजनेसमैन एसोसिएशन के प्रधान जंग बहादुर ने बताया कि बाजार में बड़ी संख्या में ग्राहक ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। वर्तमान में अधिकांश ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों में शरण ली है, जिससे न के बराबर ग्राहक आ रहे हैं। रघुनाथ बाजार बिजनेसमैन एसोसिएशन के प्रधान संजय गुप्ता कहते हैं कि रविवार भी बड़ी संख्या में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, क्योंकि बाजार में ग्राहक ही मौजूद नहीं हैं। जो आ रहे हैं वे आवश्यक वस्तुओं की ही खरीद कर रहे हैं। बाजारों में हालात सामान्य होने में अभी समय लगेगा।
लिंक रोड, रेजिडेंसी रोड, कर्ण मार्केट, लोअर व अप्पर गुम्मट, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, जानीपुर और तालाब तिल्लो आदि बाजारों में भी रौनक गायब रही।
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प्रमुख बाजार बंद रहने से यात्री मायूस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सीजफायर के बाद शहर के प्रमुख बाजारों में प्रतिष्ठान बंद रहने से यात्री मायूस हुए। वर्तमान में सीमित यात्री ही जम्मू कश्मीर में फंसे हैं, लेकिन जो हैं उन्हें भी बाजारों में खरीदारी का मौका नहीं मिल पाया।
श्री रघुनाथ बाजार में खरीदारी के लिए पहुंचे लखनऊ निवासी अमितेंद्र पाल को बाजार बंद रहने से निराशा हुई। उन्होंने बताया कि वह आठ मई को जम्मू पहुंचे थे। उसके अगले दिन श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन किए, लेकिन इस बीच हालात खराब हो गए। रविवार को वापसी है, मगर शहर के प्रमुख बाजारों में वह खरीदारी नहीं कर पाए।
एक अन्य यात्री ऊषा रानी ने कहा पाकिस्तान पर कोई भरोसा नहीं है। वह पहले भी धोखा देता रहा है। यात्री शिवानी पाल ने कहा कि सीजफायर का यह फायदा है कि जो यात्री बाहर फंसे हैं उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने का मौका मिला है। राजेश सक्सेना ने कहा कि जम्मू के बाजारों में हमने रौनक नहीं देखी है।
यात्री जितेंद्र शर्मा और नेहा पांडे ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता घर पर लौटने की है। इस बार हालात खराब होने से हमारा टूर खराब रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद रविवार को शहर के आधे बाजार खुले, लेकिन खरीदारों की रौनक गायब रही। पाकिस्तानी ड्रोन, मिसाइल हमले और गोलाबारी की दहशत बरकरार है। ग्रामीण क्षेत्रों से न के बराबर लोगों ने शहर की ओर रुख किया है। प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले मुलाजिम भी नहीं पहुंचे हैं। शाम ढलते ही एहतियातन दुकानदार प्रतिष्ठानों के शटर बंद कर घरों को लौट गए।
दुकानदारों का कहना है कि पाकिस्तान की नीयत पर कोई यकीन नहीं है, वे कभी भी हालात खराब कर सकता है। इसलिए अभी बाजारों में पहले की तरह भीड़ लौटने में समय लगेगा। शहर के जैन बाजार, पीर मिट्ठा, लखदात्ता, शहीदी चौक, जैन बाजार, कनक मंडी, वेयरहाउस, तालाब तिल्लो और जानीपुर आदि में प्रमुख बाजारों में गिनेचुने ही प्रतिष्ठान खुले।
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रविवार को खासतौर पर शहर के अति व्यस्तम रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, शालामार, पुरानी मंडी, राज तिलक रोड, मोती बाजार और पक्का डंगा आदि में सामान्य दिनों के मुकाबले 10 फीसदी तक ही खरीदार पहुंचे। मोती बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान अजय कुमार ने बताया कि उनके बाजार में मनियारी, फुटवेयर सहित लगभग हर आइटम उपलब्ध है। बाजार में रविवार को चलना भी मुश्किल रहता था, लेकिन पूरा दिन लगभग सन्नाटा रहा है। दुकानों पर काम करने वाले मुलाजिम भी नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे प्रतिष्ठानों में सीमित ही मुलाजिम मौजूद हैं।
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पुरानी मंडी बिजनेसमैन एसोसिएशन के प्रधान जंग बहादुर ने बताया कि बाजार में बड़ी संख्या में ग्राहक ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। वर्तमान में अधिकांश ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों में शरण ली है, जिससे न के बराबर ग्राहक आ रहे हैं। रघुनाथ बाजार बिजनेसमैन एसोसिएशन के प्रधान संजय गुप्ता कहते हैं कि रविवार भी बड़ी संख्या में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, क्योंकि बाजार में ग्राहक ही मौजूद नहीं हैं। जो आ रहे हैं वे आवश्यक वस्तुओं की ही खरीद कर रहे हैं। बाजारों में हालात सामान्य होने में अभी समय लगेगा।
लिंक रोड, रेजिडेंसी रोड, कर्ण मार्केट, लोअर व अप्पर गुम्मट, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, जानीपुर और तालाब तिल्लो आदि बाजारों में भी रौनक गायब रही।
प्रमुख बाजार बंद रहने से यात्री मायूस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सीजफायर के बाद शहर के प्रमुख बाजारों में प्रतिष्ठान बंद रहने से यात्री मायूस हुए। वर्तमान में सीमित यात्री ही जम्मू कश्मीर में फंसे हैं, लेकिन जो हैं उन्हें भी बाजारों में खरीदारी का मौका नहीं मिल पाया।
श्री रघुनाथ बाजार में खरीदारी के लिए पहुंचे लखनऊ निवासी अमितेंद्र पाल को बाजार बंद रहने से निराशा हुई। उन्होंने बताया कि वह आठ मई को जम्मू पहुंचे थे। उसके अगले दिन श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन किए, लेकिन इस बीच हालात खराब हो गए। रविवार को वापसी है, मगर शहर के प्रमुख बाजारों में वह खरीदारी नहीं कर पाए।
एक अन्य यात्री ऊषा रानी ने कहा पाकिस्तान पर कोई भरोसा नहीं है। वह पहले भी धोखा देता रहा है। यात्री शिवानी पाल ने कहा कि सीजफायर का यह फायदा है कि जो यात्री बाहर फंसे हैं उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने का मौका मिला है। राजेश सक्सेना ने कहा कि जम्मू के बाजारों में हमने रौनक नहीं देखी है।
यात्री जितेंद्र शर्मा और नेहा पांडे ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता घर पर लौटने की है। इस बार हालात खराब होने से हमारा टूर खराब रहा है।