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Jammu News: बेटी की शादी की तैयारी कर रहा था राकेश, क्या पता था कि कन्यादान नहीं कर पाएंगे
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नगरोटा हादसे में मृत चालक का शव लेने पहुंचे परिजन, भाई ने बताया कि इससे पहले कभी उससे कोई हादसा नहीं हुआ
हादसे में घायल 17 श्रद्धालुओं को जीएमसी से छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगरोटा, मांडा बस हादसे में मारे गए ज्वालाजी (हिमाचल प्रदेश) के गलोर गांव के निवासी राकेश कुमार (55) का शव रविवार को जीएमसी जम्मू में उनके परिवारवालों को शव सौंप दिया गया। वहीं, अस्पताल से उपचार के बाद हादसे के 17 घायलों को भी छुट्टी दे दी गई।
शव लेने पहुंचे भाई संजय कुमार ने कहा कि राकेश तो बेटी की शादी की तैयारी में जुटा ता, क्या पता था कि कन्यादान ही नहीं कर पाएगा। संजय कुमार के मुताबिक, राकेश 1990-91 से बस चला रहा था और एक प्रशिक्षित चालक था। आजतक उसके द्वारा कभी कोई सड़क हादसा नहीं हुआ।
परिवार में मां, पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। सभी बच्चे अभी अविवाहित हैं। एक बेटी की अगले साल फरवरी में शादी थी। भाई ने बताया कि वह करीब डेढ़ माह पहले घर से होकर गया था। ज्वालाजी से आए अन्य रिश्तेदारों ने कहा कि राकेश मिलनसार थे। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ डबगोत्रा ने सरकार से राकेश के परिवारवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
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हादसे में घायल 17 श्रद्धालुओं को जीएमसी से छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगरोटा, मांडा बस हादसे में मारे गए ज्वालाजी (हिमाचल प्रदेश) के गलोर गांव के निवासी राकेश कुमार (55) का शव रविवार को जीएमसी जम्मू में उनके परिवारवालों को शव सौंप दिया गया। वहीं, अस्पताल से उपचार के बाद हादसे के 17 घायलों को भी छुट्टी दे दी गई।
शव लेने पहुंचे भाई संजय कुमार ने कहा कि राकेश तो बेटी की शादी की तैयारी में जुटा ता, क्या पता था कि कन्यादान ही नहीं कर पाएगा। संजय कुमार के मुताबिक, राकेश 1990-91 से बस चला रहा था और एक प्रशिक्षित चालक था। आजतक उसके द्वारा कभी कोई सड़क हादसा नहीं हुआ।
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परिवार में मां, पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। सभी बच्चे अभी अविवाहित हैं। एक बेटी की अगले साल फरवरी में शादी थी। भाई ने बताया कि वह करीब डेढ़ माह पहले घर से होकर गया था। ज्वालाजी से आए अन्य रिश्तेदारों ने कहा कि राकेश मिलनसार थे। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ डबगोत्रा ने सरकार से राकेश के परिवारवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
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