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Jammu News: डिजिटल तकनीक से यूनानी चिकित्सा को सुलभ बनाने पर जोर
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आयुष मंत्रालय की तरफ से मसीह उल मुल्क हकीम अजमल खान की जयंती पर हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मसीह उल मुल्क हकीम अजमल खान की जयंती पर आयुष मंत्रालय की तरफ से एक कार्यक्रम हुआ। इसमें यूनानी चिकित्सा क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एकीकृत स्वास्थ्य समाधान के लिए यूनानी चिकित्सा में नवाचार की जरूरत है।
आयुष निदेशालय जम्मू कश्मीर की तरफ से सभी जिलों में हकीम के योगदान को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें निदेशक आयुष जम्मू कश्मीर डा. नुजहत बशीर के निर्देशन में सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल में उनको श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. वंदना डोगरा व उप चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अरुणा भट्ट ने कहा कि डिजिटल तकनीक का प्रयोग कर यूनानी चिकित्सा को आमजन के लिए सुलभ बनाए जाने की आवश्यकता है। डा. वाहिद उल हसन ने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर आए डा. राकेश कुमार रैना ने कहा कि हमें हकीम अजमल खान की एकीकृत पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 1911 में नई दिल्ली के करोल बाग में आयुर्वेद और यूनानी के टिबिया कालेज की स्थापना की थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मसीह उल मुल्क हकीम अजमल खान की जयंती पर आयुष मंत्रालय की तरफ से एक कार्यक्रम हुआ। इसमें यूनानी चिकित्सा क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एकीकृत स्वास्थ्य समाधान के लिए यूनानी चिकित्सा में नवाचार की जरूरत है।
आयुष निदेशालय जम्मू कश्मीर की तरफ से सभी जिलों में हकीम के योगदान को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें निदेशक आयुष जम्मू कश्मीर डा. नुजहत बशीर के निर्देशन में सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल में उनको श्रद्धांजलि दी गई।
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इस मौके पर चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. वंदना डोगरा व उप चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अरुणा भट्ट ने कहा कि डिजिटल तकनीक का प्रयोग कर यूनानी चिकित्सा को आमजन के लिए सुलभ बनाए जाने की आवश्यकता है। डा. वाहिद उल हसन ने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर आए डा. राकेश कुमार रैना ने कहा कि हमें हकीम अजमल खान की एकीकृत पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 1911 में नई दिल्ली के करोल बाग में आयुर्वेद और यूनानी के टिबिया कालेज की स्थापना की थी।