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केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर एक लाख करोड़ से बनेगा विकास का मॉडल 

Wed, 18 Mar 2020 01:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 18 Mar 2020 01:08 AM IST
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Jammu and Kashmir will bea model of development from one lakh crore
demo pic - फोटो : बासित जरगर

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर को एक लाख करोड़ रुपये से विकास का आदर्श मॉडल बनाया जाएगा। सरकार वित्त वर्ष 2020-21 के लिए मंगलवार को केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के लिए अब तक का सर्वाधिक एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया।

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केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा संसद के दोनों सदनों में पेश किए गए बजट में मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 55317.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त खर्च योजना भी पेश की। इसमें अनुमानित पूंजीगत व्यय 23910.50 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय 31,406.86 करोड़ रुपये दिखाया गया है। 
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इसके अलावा उन्होंने भुगतान और विनियोजन के लिए अप्रैल 2019 से 30 अक्तूबर 2019 तक के लिए जम्मू-कश्मीर के समेकित कोष से 208.70 करोड़ रुपये लेने के लिए पूरक अनुदान मांगें भी पेश की। इन अनुदान मांगों पर लोकसभा में बुधवार को मतदान हो सकता है। जम्मू-कश्मीर को 31 अक्तूबर 2019 को केंद्र शासित राज्य बनाया गया था।
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दोनों सदनों में दिए भाषण में कहा, वित्त वर्ष 2019-20 के लिए वास्तिक अनुदान 88911 करोड़ रुपये था। उन्होंने सदन को बताया कि 2020-21 के लिए जम्मू कश्मीर का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। ऐसा पहली बार हो रहा है जो जम्मू-कश्मीर को विकास का मॉडल बनाने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता को बयां करता है। 

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के लिए कुल 1,01,428 करोड़ आवंटित किए गए हैं। जिसमें 38764 करोड़ रुपये विकास पर खर्च होंगे। यह 27 फीसदी की वृद्धि की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर में 11 फीसदी की जीएसडीपी वृद्धि हासिल होगी। जिससे जम्मू-कश्मीर सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य या केंद्र शासित राज्य बन जाएगा।

सीतारमण ने कहा, अनुमान है कि 91100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा जबकि इस दौरान राजस्व व्यय 62664 करोड़ रहने का अनुमान है। ऐसे में केंद्र शासित राज्य के पास 28436 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मौजूद रहेगा।

जम्मू कश्मीर में कई सांस्कृतिक धरोहर हैं जिनके संरक्षण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


वहीं ग्रामीण विकास के लिए 5284 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट में इसके लिए 1951 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। स्कूली व उच्च शिक्षा के लिए 2392 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं 50 हजार पदों पर भर्ती के लिए 2000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय शिक्षा के लिए 1268 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बजट में जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए 494 करोड़ रुपये का प्रवाधान किया गया है।

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