Jammu Kashmir: ग्रामीणों ने दो आतंकियों को पकड़ा, DGP ने दो और उपराज्यपाल ने 5 लाख के इनाम की घोषणा की
रियासी जिले के तुकसान के ग्रामीणों ने लश्कर के जो आतंकियों को हथियारों के साथ पकड़ लिया। एडीजीपी जम्मू ने बताया कि दो एके राइफल, 7 ग्रेनेड और एक पिस्टल बरामद की गई है। डीजीपी ने ग्रामीणों के लिए 2 लाख रुपये और उपराज्यपाल ने पांच लाख रुपये इनाम की घोषणा की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजोरी में कई आईईडी धमाकों की वारदातों के मास्टर माइंड समेत लश्कर-ए-ताइबा के दो हथियारबंद आतंकियों को रियासी के ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बहादुरी की मिसाल कायम करते हुए टुकसन ढोक गांव के लोगों ने दोनों आतंकियों के पास से दो एके राइफल, सात ग्रेनेड, एक पिस्टल और भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किए। बाद में इन आतंकियों को सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया।
डीजीपी बोले-बहादुरी की मिसाल
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने इसे बहादुरी की मिसाल करार देते हुए ग्रामीणों को दो लाख रुपये पुरस्कार की घोषणा की। वहीं, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह आतंकवाद के खिलाफ लोगों के संकल्प की नजीर है। उन्होंने बहादुरी के ईनाम के तौर पर सरकार की ओर से पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया है।
तालिब हुसैन लश्कर का कमांडर, भाजपा की ली थी सदस्यता
पकड़े गए आतंकियों में तालिब हुसैन लश्कर का कमांडर है, जो राजोरी जिले में पिछले कुछ माह के दौरान हुए आईईडी धमाकों का मास्टर माइंड है। सूत्रों ने बताया कि टुकसन ढोक राजोरी और रियासी की सरहद पर पड़ता है। यह रूट नियंत्रण रेखा (एलओसी) से राजोरी, रियासी और फिर पर्वतीय रास्तों से होकर कश्मीर घाटी से जुड़ता है।
धमाके के बाद सुरक्षा बल राजोरी में लगातार दबिश दे रहे
आईईडी धमाकों के बाद से सुरक्षा बल राजोरी में लगातार दबिश दे रही है। पिछले सप्ताह साथियों के पकड़े जाने के बाद तालिब हुसैन फरार हो गया था। तालिब हुसैन निवासी राजोरी और आतंकी फैसल अहमद डार निवासी पुलवामा टुकसन ढोक गांव में छिपने के लिए पहुंचे थे। यहां ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस को सूचित कर दिया।
संदिग्ध दिखने पर चौकन्ने हुए, फिर घेराबंदी से पकड़े
रियासी के टुकसन ढोक इलाके में मोस्ट वांटेड आतंकियों को पकड़ ग्रामीणों ने सतर्कता और दिलेरी की मिसाल पेश की। दूरदराज इलाके में ढोक (चरवाहों के अस्थायी पड़ाव) खाली पड़ी थी। सूचना मिली की ढोक में संदिग्ध हलचल है। सतर्क ग्रामीणों ने फौरन इलाके को घेर लिया और सावधानी पूर्वक आतंकियों को धर दबोचा। आतंकी जब पूरी तरह से काबू कर लिए गए तो इसके बाद सुरक्षा बलों को बुला लिया गया।
एलजी का ट्वीट
दो मोस्ट वांटेड आतंकियों को पकड़ने वाले बहादुर ग्रामीणों को मैं सैल्यूट करता हूं। यह आतंकवाद के खिलाफ आम लोगों का दृढ़संकल्प को दर्शाता है। सरकार इन बहादुर ग्रामीणों के लिए पांच लाख रुपये के पुरस्कार का एलान करती है।