जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जल्द संभव
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रियासत में लगभग एक साल से लंबित पंचायत चुनाव की अधिसूचना इसी महीने संभव है। माना जा रहा है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो 25 मार्च के आस-पास चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है।
अप्रैल के तीसरे सप्ताह से चुनाव शुरू हो जाएंगे। एक महीने में मतदान प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जाएगी। सात से आठ चरणों में चुनाव होगा। एक से दूसरे चरण में तीन दिन का अंतराल रखा जाएगा।
सभी जिलों के डीसी को इस संबंध में सूचित करते हुए चुनाव की मुकम्मल तैयारियों की हिदायत दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मतदाता सूची का प्रकाशन नौ या 10 मार्च को होगा
मतदाता सूची का प्रकाशन नौ या 10 मार्च को होगा। इस पर एक सप्ताह में आपत्ति मांगी जाएगी। इसके बाद एक सप्ताह में इस संबंध में आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 25 मार्च तक अधिसूचना जारी हो सकती है।
सूत्रों ने बताया कि चुनाव तिथि को अंतिम रूप देने के लिए राज्य कैबिनेट की बैठक भी होली के बाद बुलाई जा सकती है। कैबिनेट में चुनाव तिथि को मंजूरी दी जाएगी। ज्ञात हो कि पंचायत चुनाव के लिए सरकार की ओर से की गई हदबंदी के तहत इवन से ऑड संख्या में वार्डों का परिसीमन किए जाने से कई नए वार्ड अस्तित्व में आए हैं।
रियासत में लगभग 4000 वार्ड बढ़ गए हैं। 290 नई पंचायतें भी प्रस्तावित की गई हैं। इसमें जम्मू में 146 और कश्मीर में 148 हैं। 2011 में पंचायतों की संख्या 4098 थी जो अब बढ़कर 4378 हो गई है। वार्ड की संख्या 29402 से बढ़कर 33402 हो गई है।
उपचुनाव पर फैसला पांच राज्यों के परिणाम के बाद
श्रीनगर तथा अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव पर फैसला पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम की घोषणा के बाद संभव है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर श्रीनगर तथा अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव टल सकता है। सरकार चाहती है कि उपचुनाव से पहले पंचायत चुनाव हों, ताकि इसके परिणामों का उसे उपचुनाव में लाभ मिल सके।
सरकार ने इस संबंध में चुनाव आयोग से उपचुनाव टालने का आग्रह भी किया है। सीईओ शांतमनु का कहना है कि चुनाव पर फैसला आयोग को लेना है। सीईओ कार्यालय उपचुनाव के मद्देनजर भी तैयारियां कर रहा है। संभव है कि पांच राज्यों के विधानसभा उपचुनाव खत्म होने के बाद इस पर कोई फैसला हो।