प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की राह में सरकारी लापरवाही रोड़ा, अधिकारी की अभी तक नहीं हुई नियुक्ति
रेहड़ी और पटरी से आजीविका कमाने वालों के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की राह में सरकारी लापरवाही रोड़ा बन गई है। नगर पालिका, परिषद और नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण किया जा रहा है। नाम दर्ज होने के बाद इन्हें बैंकों से दस हजार रुपये तक के ऋण की सुविधा देने को भेजा जा रहा है, लेकिन प्रदेश में नोडल अफसर तैनात नहीं होने से सभी मामले अटके पड़े हैं। नोडल अफसर के माध्यम से ही पंजीकरण फॉर्म को मान्यता मिलनी है।
दरअसल, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वालों को पंजीकृत करने की कवायद जोर शोर से चल रही है। पंजीकरण के बाद मामलों को आगे भेजा जा रहा है। अन्य प्रदेशों में नोडल अफसर तैनात हो चुके हैं और लाभार्थियों को लाभ मिलना भी शुरू हो गया है।
जम्मू शहर से सैकड़ों लोगाें का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन नोडल अफसर की तैनाती के इंतजार में सभी मामले अधर में लटक गए हैं। इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को विशेष ऋण सुविधा दी जानी है, जिससे वे अपने कामकाज को आसानी से कर सकेंगे। लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में लोगाें को इस योजना के लाभ का बेसब्री से इंतजार है।
नोडल अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई है। पंजीकरण कर फार्म भेजे जा रहे हैं। नोडल अधिकारी की तैनाती होने के साथ ही पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों के नाम दर्ज हो जाएंगे और उन्हें लाभ मिलने लगेगा। - सुधीर बाली, एसीआर, नगर निगम जम्मू