{"_id":"623961c6eb1f6d400a3459c1","slug":"jammu-and-kashmir-people-still-tremble-remembering-the-massacre-that-happened-22-years-ago-in-chattisingh-pora","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: छत्तीसिंह पोरा में 22 साल पहले हुए नरसंहार को याद कर आज भी सिहर जाते हैं लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: छत्तीसिंह पोरा में 22 साल पहले हुए नरसंहार को याद कर आज भी सिहर जाते हैं लोग
Tue, 22 Mar 2022 11:33 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 22 Mar 2022 11:33 AM IST
विज्ञापन
सिख समुदाय ने श्रद्धांजलि दी
- फोटो : अमर उजाला
अनंतनाग के छत्तीसिंह पोरा में 22 साल पहले हुए नरसंहार को याद कर आज भी लोग सिहर जाते हैं। 20 मार्च 2000 को मारे गए सिखों को सोमवार को सिख समुदाय ने श्रद्धांजलि दी।
नरसंहार में इशपाल सिंह के भी परिवार का एक सदस्य मारा गया था। श्रद्धांजलि समारोह में इशपाल सिंह ने कहा कि 22 साल पहले 35 सिखों का कत्ल कर दिया गया था, लेकिन आज तक उस नरसंहार के दोषी पकड़े नहीं गए।
उन्होंने कहा कि आज भी वह रात याद है, जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। सिर्फ गोलियां चलने की आवाज आ रही थी। चारों ओर गोलियों से छलनी लाशें ही दिख रही थीं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उस नरसंहार के दोषियों को पकड़ा जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी सरकार ने एक शब्द नहीं कहा कि घाटी में सिखों पर भी अत्याचार हुआ। कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को दर्शाया गया है, लेकिन इस नरसंहार के बारे में किसी ने बात नहीं की। हमें उम्मीद है कि सरकार हमें इंसाफ दिलाएगी।
विज्ञापन
नरसंहार में इशपाल सिंह के भी परिवार का एक सदस्य मारा गया था। श्रद्धांजलि समारोह में इशपाल सिंह ने कहा कि 22 साल पहले 35 सिखों का कत्ल कर दिया गया था, लेकिन आज तक उस नरसंहार के दोषी पकड़े नहीं गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज भी वह रात याद है, जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। सिर्फ गोलियां चलने की आवाज आ रही थी। चारों ओर गोलियों से छलनी लाशें ही दिख रही थीं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उस नरसंहार के दोषियों को पकड़ा जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी सरकार ने एक शब्द नहीं कहा कि घाटी में सिखों पर भी अत्याचार हुआ। कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को दर्शाया गया है, लेकिन इस नरसंहार के बारे में किसी ने बात नहीं की। हमें उम्मीद है कि सरकार हमें इंसाफ दिलाएगी।