{"_id":"5fb0b68a6b1ca7498f3f32dc","slug":"jammu-and-kashmir-pdp-suffered-major-setback-founder-member-muzaffar-baig-quits-party","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: महबूबा को बड़ा झटका, पीडीपी के संस्थापक सदस्य मुजफ्फर बेग ने छोड़ी पार्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: महबूबा को बड़ा झटका, पीडीपी के संस्थापक सदस्य मुजफ्फर बेग ने छोड़ी पार्टी
Sun, 15 Nov 2020 10:36 AM IST
अनवर अंसारी
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 15 Nov 2020 10:36 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फर हुसैन बेग (फाइल फोटो)
- फोटो : Peoples Democratic Party website
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के संस्थापक सदस्य मुजफ्फर हुसैन बेग ने पीडीपी से इस्तीफा दे दिया है। बेग के इस्तीफे के पीछे की वजह 'पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन'(पीएजीडी) के अन्य दलों के साथ सीटें साझा करने के समझौते को लेकर नाखुश होना है। जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव होने वाले हैं।
विज्ञापन
बेग ने कहा, 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इस तरह ये पीडीपी के हितों में नहीं है। मैं फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती का सम्मान करता हूं और उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। मैं सिद्धांतों पर पीडीपी छोड़ रहा हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि पीएजीडी से संबंधित दलों के साथ सीटें साझा करने के समझौते के बारे में उनसे सलाह नहीं ली गई थी।
विज्ञापन
बेग ने कहा, 'मैंने उन्हें (महबूबा) बुलाया और पीडीपी से संरक्षक और सदस्य के रूप में इस्तीफे के बारे में बताया।' अपने भविष्य को लेकर वरिष्ठ नेता ने कहा, 'मैं अपनी भविष्य की रणनीति के बारे में अपने दोस्तों और शुभचिंतकों से सलाह लूंगा।'
विज्ञापन
बता दें, मुजफ्फर बेग साल 1998 यानी कि पार्टी की स्थापना के समय से ही पीडीपी से जुड़े हुए हैं। पीएजीडी में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और सीपीएम शामिल हैं। इस बात की चर्चा है कि इसके गठन के पीछे का मकसद चुनाव में बढ़त हासिल करना या पार्टी के हितों को बढ़ाना है, तो यह सरासर गलत है। कांग्रेस पहले ही पीएजीडी को अपना समर्थन दे चुकी है।
28 नवंबर से चुनाव ; जम्मू-कश्मीर में 28 नवंबर से 24 दिसंबर के बीच आठ चरणों में डीडीसी चुनाव होने हैं।