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जम्मू-कश्मीर: अब देश के कई राज्यों में महक बिखेरेगी जम्मू की बासमती, 370 बासमती से तीन अन्य किस्में तैयार
Wed, 09 Jun 2021 12:43 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 09 Jun 2021 12:43 PM IST
सार
370 बासमती की विकसित की गई तीन किस्में दूसरे राज्यों को भी दी गईं।
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basmati rice
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्व प्रसिद्ध जम्मू की बासमती 370 की महक और स्वाद देश के अन्य राज्यों के किसान भी लेंगे। कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग ने 370 से तीन अन्य किस्मों को तैयार किया है। इसका स्वाद और महक 370 के जैसी होगी। साथ ही यह कम समय में तैयार होगी और इसकी पैदावार भी अधिक होगी।
जानकारी के अनुसार तीन किस्में 118, 123 और 138 तैयार की गई हैं। रुढ़की, मुज्जफरनगर, हिसार, मुख्तसर, गुरदासपुर आदि में 350 किसानों को इसका बीज दिया गया है। इन किस्मों की प्रति कनाल 2 क्विंटल और प्रति हेक्टेयर 45 क्विंटल पैदावार होगी। जबकि बासमती 370 की पैदावार प्रति हेक्टेयर 25 क्विंटल तक रहती थी और यह 160 दिनों में तैयार होती थी।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: नहीं दिखा कोरोना का डर, नरवाल सब्जी मंडी में उमड़ी लोगों की भीड़, देखिए तस्वीरें
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इन तीन किस्मों में 118 बासमती 130 से 140 दिन में तैयार होगी। कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जेपी शर्मा का कहना है कि दस दिन पहले ही इन तीन किस्मों को नोटिफाई किया गया है। दूसरे राज्यों के किसानों ने भी इसे लगाने में रुचि दिखाई है और वह यहां से बीज ले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि बासमती 370 पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसकी खुशबू और स्वाद की वजह से यह अरब देशों में काफी पसंद की जाती है। इसकी मांग को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय ने इसी से तीन किस्में और तैयार की हैं, ताकि देश के अन्य हिस्सों में भी यह लगाई जाएं और इसकी पैदावार बढ़े।
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जानकारी के अनुसार तीन किस्में 118, 123 और 138 तैयार की गई हैं। रुढ़की, मुज्जफरनगर, हिसार, मुख्तसर, गुरदासपुर आदि में 350 किसानों को इसका बीज दिया गया है। इन किस्मों की प्रति कनाल 2 क्विंटल और प्रति हेक्टेयर 45 क्विंटल पैदावार होगी। जबकि बासमती 370 की पैदावार प्रति हेक्टेयर 25 क्विंटल तक रहती थी और यह 160 दिनों में तैयार होती थी।
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इन तीन किस्मों में 118 बासमती 130 से 140 दिन में तैयार होगी। कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जेपी शर्मा का कहना है कि दस दिन पहले ही इन तीन किस्मों को नोटिफाई किया गया है। दूसरे राज्यों के किसानों ने भी इसे लगाने में रुचि दिखाई है और वह यहां से बीज ले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि बासमती 370 पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसकी खुशबू और स्वाद की वजह से यह अरब देशों में काफी पसंद की जाती है। इसकी मांग को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय ने इसी से तीन किस्में और तैयार की हैं, ताकि देश के अन्य हिस्सों में भी यह लगाई जाएं और इसकी पैदावार बढ़े।