फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा पर साधा निशाना, बोले- विमान अपहरण कांड से नहीं ली सीख
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने से न तो विकास हुआ और न ही आतंकवाद पर अंकुश लगा। आरोप लगाया कि भाजपा ने 1999 के विमान अपहरण कांड से भी सीख नहीं ली जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अजहर को छोड़ना पड़ा था। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की मौजूदगी में ऐसा करने से साफ मना किया था। कहा था, ऐसा कर हमेशा के लिए राष्ट्र को बर्बाद करने का काम होगा। क्या उन्होंने उस समय सुना था और क्या अब भी सुन रहे हैं। मेरा मानना है कि उन्होंने कोई सीख नहीं ली। वे सोचते हैं कि वे सबसे चतुर हैं और दूसरा कोई उनसे अधिक नहीं जानता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘पुराने आदेश रद्द कर नया आदेश लागू होना-अनुच्छेद 370 और 35ए को निष्क्रिय करने के एक साल बाद’ विषय पर आयोजित वेबिनार में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की राय लिए बगैर केंद्र सरकार ने विशेष दर्जा समाप्त कर दिया। पहले दिन राज्यसभा और अगले दिन लोकसभा में इसे पारित करने के बाद सरकार ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत का हिस्सा हो गया।
कहा कि हम लोग न तो अलगाववादी रहे हैं और न ही अलगाववाद को प्रश्रय देते हैं। 370 हटने से कोई बदलाव नहीं आया सिवाय इसके कि महाराजा का कश्मीर रातों रात गायब हो गया। अब हम केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र शासित प्रदेश राज्य बन सकता है, लेकिन राज्य केंद्र शासित प्रदेश नहीं बन सकता। उन्होंने नेताओं के हिरासत पर सवाल उठाया कि भारत माता की जय के नारे लगाने वालों को बिना कारण के गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। क्या हम भारत के दुश्मन हैं। इसके क्या नतीजे सामने आएंगे।
भाजपा की पूर्व मंत्री प्रिया सेठी व पूर्व एमएलसी सुरिंदर अंबरदार ने विरोध करते हुए कहा कि विकास के लिए 370 का हटाया जाना जरूरी था। एक साल का समय आकलन के लिए कम होता है। कुछ समय दें और देखें कैसे होता है विकास।
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