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JK News: दीन-धर्म को पीछे छोड़ मुस्लिम युवक ने उठाया शिव मंदिर के रखरखाव का बीड़ा

Sat, 12 Feb 2022 04:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 12 Feb 2022 04:08 AM IST
सार

श्रीनगर में निसार अहमद कर रहे गोपी तीर्थ मंदिर की देखभाल, पिता छह साल तक रहे मंदिर के सेवादार।

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Jammu and Kashmir: Muslim Youth Took Up The Maintenance Of Shiva Temple
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना... यह सच कर दिखाया है श्रीनगर के इश्बर निशात का निवासी 34 वर्षीय मूकबधिर मुस्लिम युवक निसार अहमद अलाई ने, जो दीन-धर्म को पीछे छोड़कर घाटी में स्थित एक शिव मंदिर की देखभाल कर रहा है।

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इससे पहले अलाई ने पिता ने इस मंदिर की छह साल से अधिक समय तक देखभाल की। जानकारी के अनुसार निसार अहमद अलाई सात माह से श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र इश्बर निशात में जबरवान की पहाड़ियों पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर (गोपी तीर्थ) की देखभाल कर रहे हैं।
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मूकबधिर निसार अहमद पूरी आस्था और दृढ़ संकल्प के साथ पिता से विरासत में मिली इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। निसार के पिता भी छह साल से अधिक समय तक मंदिर से जुड़े रहे, उनके देहांत के बाद निसार ने एक साल तक पदभार संभाला, फिर उनके पड़ोसी अब्दुल गफ्फार तीन साल से अधिक समय तक इस मंदिर के सेवादार रहे और अब निसार इस मंदिर सात माह से देखभाल कर रहे हैं।
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निसार नौवीं कक्षा पास हैं। वह न केवल मंदिर की सफाई करते हैं, बल्कि इसकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी उठाए हैं। मंदिर परिसर में फूलों और फलों के बगीचे भी लगाए हैं और मंदिर प्रांगण में सब्जियां भी उगाई जा रही हैं, जिसकी उपज हिंदू समुदाय के लोगों को दी जाती है।


स्थानीय लोगों का मानना है कि यह मंदिर कश्मीर घाटी में आपसी भाईचारे की निशानी है। निसार को मंदिर की देखरेख करने वाली धार्मिक संस्था ईश्वर आश्रम ट्रस्ट की ओर से आठ हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। निसार अपने वेतन से काफी संतुष्ट हैं। बता दें कि लंबे समय तक सुनसान रहने के बाद वर्ष 2014 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार सामाजिक विकास संस्था द्वारा किया गया था और तब से स्थानीय मुसलमान इसकी देखभाल कर रहे हैं।

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