Jammu and Kashmir: सुंदरबनी के शहीद विपिन कुमार को अंतिम श्रद्धांजलि, गांव में शोक की लहर
सुंदरबनी के पतराडा गांव के वीर जवान विपिन कुमार जिन्होंने आतंकी मुठभेड़ में शहीद होकर देश की रक्षा की जिन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके गांव में शोक और सम्मान का माहौल बना हुआ है।
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सुंदरबनी के पतराडा गांव के वीर बेटे विपिन कुमार की शहादत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देने वाले विपिन कुमार ने बीती रात किश्तवाड़ के छात्रु में आतंकी मुठभेड़ के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की और शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पतराडा में पहुंची, पूरे इलाके में एक गमगीन माहौल छा गया।
सुबह से ही सुंदरबनी और आसपास के दूर-दराज के पहाड़ी गांवों से सैकड़ों लोग विपिन कुमार के घर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, विपिन कुमार का पार्थिव शरीर फिलहाल उधमपुर सेना के कोर कमान मुख्यालय में रखा गया है, जहां सैन्य अधिकारियों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर सुंदरबनी के लिए रवाना होगा, जहां स्थानीय लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए तैयार हैं।
गांव में इस समय एक गमगीन वातावरण है। विपिन कुमार के 70 वर्षीय पिता और छोटे भाई का रो-रो कर बुरा हाल है। गांववासी अपने शहीद के परिवार को ढांढस बंधाने के लिए जुटे हुए हैं। विपिन कुमार की पत्नी और मां का भी हाल बुरा है, और गांव में हर कोई उनके बलिदान को लेकर संवेदनशील है।
विपिन कुमार के सहपाठियों और ग्रामीणों का कहना है कि वह बचपन से ही तेज-तर्रार, बहादुर और देशभक्ति के जज्बे से भरे हुए थे। भारतीय सेना में उनकी सेवा का सपना हमेशा से उनका था, और उन्होंने अपनी शहादत के माध्यम से उस सपने को पूरा किया। उनके सहपाठियों ने कहा कि विपिन कुमार का जज्बा और देशभक्ति हर किसी को प्रेरित करती है और उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
सभी लोग विपिन कुमार की वीरता और देशभक्ति की चर्चा करते हुए उन्हें सलाम कर रहे हैं। सुंदरबनी और जम्मू-कश्मीर के लोग उनके बलिदान पर गर्व महसूस कर रहे हैं और मानते हैं कि विपिन कुमार का नाम हमेशा देश के दिलों में अमर रहेगा। सुंदरबनी का यह लाल अब हमेशा मां भारती के चरणों में विश्राम करेगा, लेकिन उसकी यादें और बलिदान कभी नहीं भुलाए जाएंगे।