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Jammu News: ऐतिहासिक पुरमंडल तीर्थ में सफाई व्यवस्था बदहाल, श्रद्धालुओं ने सुविधाएं बढ़ाने की उठाई मांग

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jammu and kashmir
अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं का होता है आगमन, देविका तट पर गंदगी और टूटे बेंच बने परेशानी का कारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। ऐतिहासिक तीर्थ स्थल पुरमंडल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रत्येक माह अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालु देविका स्नान और मंदिरों में दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि देविका नदी के किनारे कई स्थानों पर कूड़ा-कचरा और गंदगी फैली हुई है। देविका घाट और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई के लिए हर महीने सरकारी स्तर पर धनराशि खर्च की जाती है, लेकिन धरातल पर इसका अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं देता। कई स्थानों पर नियमित सफाई के अभाव में गंदगी जमा रहती है, जिससे तीर्थ स्थल की धार्मिक गरिमा भी प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय निवासियों गोबिंद राम महेश्वर प्रसाद शाम लाल शर्मा अंकुश कुमार मुकेश शर्मा और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि पुरमंडल की नियमित एवं प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, देविका तट से कूड़ा-कचरा हटाया जाए, टूटे हुए बेंचों की मरम्मत कर नए बेंच लगाए जाएं तथा श्रद्धालुओं के लिए रात्रि विश्राम सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाए।
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संसाधनों को तीर्थ के अनुरूप दुरुस्त कराएं
श्रद्धालुओं के बैठने के लिए घाटों और परिसर में लगाए गए कई बेंच वर्षों से टूटे पड़े हैं। इनकी मरम्मत या नए बेंच लगाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे विशेषकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को काफी असुविधा होती है।

रात्रि विश्राम की भी नहीं है समुचित व्यवस्था
हर महीने लगने वाले अमावस्या मेले के दौरान हजारों लोग पुरमंडल पहुंचते हैं, लेकिन रात्रि विश्राम के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। रात में रुकने वाले श्रद्धालुओं को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तीर्थ के महत्व को देखते हुए यहां धर्मशाला, विश्राम गृह तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
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