पोलियो के खिलाफ अब इंजेक्शन से लड़ाई लड़ेगा जम्मू कश्मीर
- अप्रैल के दूसरे सप्ताह में शुरू होगी डोज देने की प्रक्रिया
- एक साल के बच्चे को तीसरी खुराक के साथ वैक्सीन दी जाएगी
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रियासत में अप्रैल के दूसरे सप्ताह से एक साल तक के बच्चों के लिए पोलियो निरोधक इंजेक्शन वैक्सीन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। परिवार कल्याण विभाग की ओर से शुरू की जा रही इस सुविधा में यह वैक्सीन एक साल के बच्चे को साल के अंत में दी जाने वाली तीसरी पोलियो ड्राप्स डोज के साथ दी जाएगी।
इसमें हर साल एक साल के करीब तीन लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य रहेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने हवाई मार्ग से श्रीनगर में तीस हजार डोज की पहली खेप भेज दी है। विभाग के निदेशक डा. बलदेव राज शर्मा के अनुसार इंजेक्शन वैक्सीन पोलियो डोज के लिए पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। इसके लिए ब्लाक, जिला और राज्य स्तर पर वर्कशाप आयोजित की गई हैं।
बच्चे को छह हफ्ते, दस हफ्ते और चौदह हफ्ते में पोलियो निरोधक ड्राप्स की तीन डोज दी जाती हैं। भारत के पोलियो मुक्त होने के बाद अब आखिर चरण में इंजेक्शन वैक्सीन शरीर में असक्रिय रहने वाले पोलियो वायरल को पूरी तरह से खत्म करने का काम करेगी।
यह डोज बाजार के मुकाबले करीब आठ सौ रुपये सस्ती
विभाग की ओर से इंजेक्शन वैक्सीन को सफल बनाने के लिए फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों के अलावा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। सरकारी अस्पताल में यह डोज बाजार के मुकाबले करीब आठ सौ रुपये सस्ती है।
इसमें एक वायल में दस इंजेक्शन डोज निकल जाती हैं। अस्पताल प्रशासन को एक डोज का खर्च करीब 120 रुपये पड़ेगा, जबकि बाजार में एक डोज करीब नौ सौ रुपये तक मिल रही है।
देश के अन्य कई राज्यों में इंजेक्शन वैक्सीन को शुरू कर दिया गया है। शरीर में रहने वाले असक्रिय पोलियो वायरल को पूरी तरह से खत्म करने के लिए इंजेक्शन वैक्सीन मील का पत्थर साबित हो सकती है।