पुलिसकर्मी की मौत का मामला: परिवार ने कहा- बेटा आतंकवादी नहीं था जो इस तरह मार डाला
मृतक की मां ने कहा कि मेरे बेटे की हत्या हुई है और इस मामले की जांच होनी चाहिए। अगर उसकी पहचान नहीं हो रही थी तो पैर पर गोली मारते, सिर पर गोली क्यों मारी। मेरा बेटा देश की सेवा में था, वह आतंकवादी नहीं था, जो उसे इस तरह मारा गया।
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में तैनात पुलिसकर्मी अजय धर की संतरी की गोली से मौत पर परिवार ने संगीन आरोप लगाए हैं। गुरुवार को मृतक पुलिसकर्मी का अंतिम संस्कार जम्मू में नगरोटा के जगती में गमगीन माहौल में किया गया। पुलिस प्रशासन ने विभागीय सम्मान के साथ अजय धर को अंतिम विदाई दी। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि अजय की मौत हादसा नहीं यह प्रायोजित हत्या है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। कहा कि अभी तक उसका मोबाइल फोन और आईडी कार्ड नहीं मिला है। परिवार ने आरोप लगाया कि उत्तरी कश्मीर के डीआईजी ने बिना जांच के मामले को क्लीन चिट दे दी। कश्मीरी पंडितों का आरोप, ऐसी घटनाओं से उन्हें घाटी में बसने से रोकने के लिए साजिश रची जा रही है।
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अजय की बहन ने भी आरोप लगाया कि भाई की एक सोची समझी साजिश के तहत हत्या हुई है। साफ दिखता है कि उस पर हमला हुआ है। पुलिस अपनी गलती को छुपा रही है और आरोपी ने कहानी गढ़ी है। मेरे भाई का मोबाइल फोन और आईडी कार्ड नहीं मिल रहा। हमें पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि नौ महीने पहले पिता का निधन हुआ है। कश्मीरी पंडितों में किसी अपने के निधन पर के बाद खानपान में काफी परहेज होता है, जिसके कारण भाई मंदिर में रहता था। सरकार इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाए।
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मां बोली, वह आतंकवादी नहीं था, जो उसे मार डाला
मृतक की मां ने कहा कि मेरे बेटे की हत्या हुई है और इस मामले की जांच होनी चाहिए। अगर उसकी पहचान नहीं हो रही थी तो पैर पर गोली मारते, सिर पर गोली क्यों मारी। मेरा बेटा देश की सेवा में था, वह आतंकवादी नहीं था।