कश्मीर: सोपोर मुठभेड़ में तीन आतंकियों का खात्मा, लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकी मुदासिर पंडित मारा गया
घाटी में शांति बहाली और आतंकवाद के खात्मे के लिए सुरक्षाबल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के सोपोर के गुंड ब्राठ इलाके में पुलिस और सुरक्षाबल के बीच मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकी मुदासिर पंडित भी शामिल है। इस ऑपरेशन को सेना की 22-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स), सोपोर पुलिस और सीआरपीएफ की 179-बटालियन ने अंजाम दिया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि यह ऑपरेशन कल रात शुरू किया गया था। जिसमें तीन आतंकी मारे गए हैं। ये सभी आतंकी कमांडर थे, जोकि कई हमलों में शामिल थे। मारा गया शीर्ष आतंकी मुदासिर चार नागरिकों, नौ सुरक्षाकर्मियों, दो पूर्व आतंकियों, तीन सरपंच और दो हुर्रियत नेताओं की हत्या में शामिल था। आतंकी खुर्शीद अहमद 2020 से सक्रिय था। वह कई हमलों और हत्याओं में मुदासिर के साथ शामिल था।
सिंह ने कहा कि इस साल अब तक दो विदेशी आतंकवादी मारे जा चुके हैं। घुसपैठ में कमी आई है। श्रीनगर में आतंकवादियों की कोई बड़ी मौजूदगी नहीं है। लेकिन आतंकी सरहद और पड़ोसी जिले में घूमते रहते हैं। बहुत जल्द हम श्रीनगर शहर के आसपास अच्छा संचालन करने जा रहे हैं, जो इंटेल आधारित होगा। नेताओं की नजरबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज की तारीख में एक भी नेता हिरासत में नहीं है।
आईजीपी विजय कुमार ने बताया कि विदेशी आतंकी की पहचान असरार उर्फ अब्दुल्ला के रूप में हुई है। पाकिस्तान का रहने वाला अब्दुल्ला उत्तरी कश्मीर में 2018 से सक्रिय था। आईजी ने कहा कि तीन महीने में दो बड़े हमले हुए हैं। हमने सोपोर में पोस्टर चस्पा करवा कर आतंकियों पर इनाम रखा था। हमें स्थानीय लोगों और उनके समर्थन से जानकारी मिलती रही। इन आतंकियों को मारने में हमारा समर्थन करने के लिए स्थानीय लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं। कहा कि सोपोर नार्को आतंकी गतिविधियों का गढ़ बन गया है। दो प्रमुख नार्को आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है।
मेजर जनरल, जीओसी किलो फोर्स, एचएस साही ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान हमने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती। सेना के एक जवान के हाथ में चोट आई है और वह अस्पताल में भर्ती है। साही ने कहा कि आतंकी कश्मीरियों का खून बहाते हैं और हिंसा को जारी रखना चाहते हैं। हम हिंसा के इस चक्र को तोड़ना चाहते हैं। लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें इन तत्वों का समर्थन करना बंद करना होगा। हमें दुख होता है जब इन युवाओं के बूढ़े माता-पिता उनसे वापस लौटने की अपील करते हैं।
बता दें कि सुरक्षा बलों को गुंड ब्रथ गांव में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस पर गांव के तांत्रे मोहल्ले की घेराबंदी कर घर-घर तलाशी शुरू की गई। इस दौरान सुरक्षा घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। संयम बरतते हुए सुरक्षा बलों ने आतंकियों को समर्पण का मौका दिया। इसके बाद भी वे नहीं माने तो जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। जिसमें तीन आतंकियों का खात्मा हुआ। मारे गए आतंकियों के पास से तीन एके-47 राइफल के साथ ही अन्य सामग्री बरामद हुई है।
आपको बता दें कि 16 जून को भी श्रीनगर में हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया था। उसकी पहचान शोपियां निवासी उजैर अशरफ दर के रूप में हुई। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक पिस्टल, एक गोला बारूद की मैगजीन, छह राउंड और दो ग्रैनेड बरामद किए थे।
आतंकियों की तलाश मे ंसुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है। बीते कुछ समय से आतंकी प्रतिरोध में छिपकर भी सेना पर वार कर रहे हैं। वावजूद इसके तलाशी अभियान में जब भी कोई आतंकी घेरे में आ जाता है तो पहले उससे समर्पण का ही आग्रह किया जाता है लेकिन इसके जवाब में फायरिंग होती है तो सेना जवाब देती है।