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जम्मू-कश्मीर: कोरोना में ठप पड़ गई एसीबी और सीबाआई की जांच रफ्तार, लंबित पड़े कई मामले
Wed, 19 May 2021 11:24 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 19 May 2021 11:24 AM IST
सार
रिकॉर्ड मंगवाने और लोगों से पूछताछ में आ रही परेशानी।
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सीबीआई
- फोटो : ani
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विस्तार
कोरोना के चलते लॉकडाउन ने एंटी करप्शन ब्यूरो और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों की जांच की रफ्तार को धीमा कर दिया है। जांच प्रक्रिया को कोविड प्रोटोकॉल ने प्रभावित किया है। एक तरफ जहां एसीबी विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित मामलों में रिकार्ड पूरी तरह से नहीं मंगवा पा रही है। दूसरी तरफ सीबीआई भी जांच करने में लोगों तक पूर्ण रूप से नहीं पहुंच पा रही है। दोनों एजेंसियो के पास कई मामले ऐसे हैं, जिनकी जांच लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन कोरोना के चलते फाइनल टच नहीं दे पाए, जिसे पूरा किया जाना है।
जानकारी के अनुसार एसीबी के पास हर साल 4 से 6 हजार शिकायतें आती हैं। इनमें से एसीबी करीब तीन हजार मामलों की स्क्रूटनी करके इनकी जांच शुरू करती है। इनमें से मामलों को पूरी तरह से स्क्रूटनी करके 100 से ज्यादा मामलों की जांच एक साल में पूरी हो जाती है, जबकि बहुत से मामलों में कुछ नहीं निकलता।
एसीबी की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोई आंकड़ा तो नहीं बताया जा सकता कि कोविड के चलते कितने मामलों की जांच लंबित पड़ी है। लेकिन इसका असर तो पड़ा है। दरअसल, कई मामलों की जब जांच शुरू करते हैं तो संबंधित विभाग से रिकॉर्ड मंगवाना पड़ता है। लेकिन इस समय बहुत से विभागों का आधा स्टाफ भी कार्यालयों में नहीं पहुंच रहा। इसकी वजह से हम रिकार्ड नहीं मंगवा पा रहे।
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यह भी पढ़ें- पूर्व रक्षा मंत्री का सियासी सफर: आतंकवाद के दौर में वीडीसी बन निभाई थी अहम भूमिका, निधन पर पीएम मोदी ने ये कहा
उधर, सीबीआई की ओर से रोशनी जैसे बड़े घोटाले की जांच मामले में भी दो एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है। जबकि पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी के खिलाफ भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मामले की जांच पूरी हो चुकी है। इन दोनों मामलों की चार्जशीट तैयार हो चुकी है। लेकिन कोविड के चलते कुछ औपचारिकताएं हैं, जो पूरी नहीं हो पाई। सीबीआई के पास राजस्व विभाग के कई अधिकारियों की जांच लंबित है, जो कोविड के चलते पूरी नहीं हो पाई।
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जानकारी के अनुसार एसीबी के पास हर साल 4 से 6 हजार शिकायतें आती हैं। इनमें से एसीबी करीब तीन हजार मामलों की स्क्रूटनी करके इनकी जांच शुरू करती है। इनमें से मामलों को पूरी तरह से स्क्रूटनी करके 100 से ज्यादा मामलों की जांच एक साल में पूरी हो जाती है, जबकि बहुत से मामलों में कुछ नहीं निकलता।
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एसीबी की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोई आंकड़ा तो नहीं बताया जा सकता कि कोविड के चलते कितने मामलों की जांच लंबित पड़ी है। लेकिन इसका असर तो पड़ा है। दरअसल, कई मामलों की जब जांच शुरू करते हैं तो संबंधित विभाग से रिकॉर्ड मंगवाना पड़ता है। लेकिन इस समय बहुत से विभागों का आधा स्टाफ भी कार्यालयों में नहीं पहुंच रहा। इसकी वजह से हम रिकार्ड नहीं मंगवा पा रहे।
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उधर, सीबीआई की ओर से रोशनी जैसे बड़े घोटाले की जांच मामले में भी दो एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है। जबकि पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी के खिलाफ भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मामले की जांच पूरी हो चुकी है। इन दोनों मामलों की चार्जशीट तैयार हो चुकी है। लेकिन कोविड के चलते कुछ औपचारिकताएं हैं, जो पूरी नहीं हो पाई। सीबीआई के पास राजस्व विभाग के कई अधिकारियों की जांच लंबित है, जो कोविड के चलते पूरी नहीं हो पाई।