J&K: चार दिन तक चलेगी विधानसभा के विशेष सत्र की कार्रवाई, पारित होगा GST बिल
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जीएसटी को लेकर आहूत जम्मू कश्मीर विधानसभा का विशेष सत्र 17 जून से चार दिनों तक श्रीनगर में चलेगा। इस विशेष सत्र में जीएसटी विधेयक को चर्चा के बाद पारित किया जाएगा, ताकि यह कानून का रूप ले सके। जीएसटी कानून एक जुलाई से पूरे देश में लागू होना है।
इस बीच नेशनल कांफ्रेंस की कोर कमेटी ने जीएसटी पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने बताया कि सत्र को सकुशल चलाने के लिए 14 और 15 जून को बैठकें होंगी। 14 जून को सुरक्षा को लेकर बैठक होगी। इन्हीं दो दिन में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई जाएगी।
सभी दलों से सत्र को सकुशल तथा शांतिपूर्ण चलाने में सहयोग मांगा जाएगा। उन्होंने वीरवार को विधानसभा परिसर का दौरा किया। इस दौरान असेंबली हाल, लाबी, वीआईपी चेंबर आदि का दौरा कर उन्होंने सभी प्रकार के इंतजाम करने को कहा। विधानसभा परिसर में बैग, ब्रीफकेस तथा अन्य छोटे सामान की स्क्रीनिंग के लिए मोबाइल एक्स-रे लगाने की हिदायत दी। विधानसभा लाबी में हाटलाइन फोन सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष नजीर गुरेजी भी रहे।
कैबिनेट बैठक में मिल चुकी है ड्राफ्ट को मंजूरी
ज्ञात हो कि कैबिनेट ने बुधवार को विधेयक के ड्राफ्ट के मंजूरी दे दी। जीएसटी से रियासत को 60 से 70 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। देश के जीएसटी कानून को रियासत में विस्तार के लिए अलग कानून की जरूरत है। संवैधानिक, प्रशासनिक और वैधानिक रूप से यह जरूरी है।
सदन में इन तीनों पहलुओं पर चर्चा होगी। वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू का कहना है कि जीएसटी लागू होने से अनुच्छेद 370 पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि रियासत के पास संविधान के तहत अलग कर कानून बनाने का अधिकार है। जम्मू कश्मीर का अलग संविधान भी है। रियासत सरकार जीएसटी के अनुभवों की 5 साल बाद समीक्षा करेगी।