जम्मू-कश्मीर: महिलाओं के साथ यौन दुराचार की रिपोर्ट के बाद सेना ने लंबू के खिलाफ तेज की कार्रवाई
जीओसी विक्टर फोर्स ने कहा-सेना और पुलिस ने बड़े ही पेशेवर तरीके से महिलाओं को बचाया और आतंकियों को ढेर किया। लंबू की टेलिस्कोप वाली एम4 और ग्लॉक पिस्टल बरामद।
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दक्षिण कश्मीर में तैनात सेना की विक्टर फोर्स के जीओसी रशीम बाली ने कहा कि हमें पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी लंबू की मूवमेंट के बारे में बहुत सारी खुफिया जानकारी मिल रही थी और जिस तरह से यह वहां के स्थानीय लोगों के साथ बुरा व्यवहार कर रहा था। उसकी भी जानकारी मिल रही थी। जीओसी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से दाछीगाम के जंगलों के ऊपरी इलाकों में कुछ महिलाओं के साथ उसके यौन दुराचार की लगभग तीन रिपोर्ट प्राप्त हुई थीं। जैसे ही हमने उसे घेरे में लेने की कोशिश की तो वे कुत्तों के भौंकने से सतर्क हो गए।
उसने महिलाओं को और चार बच्चों को पहले बाहर आने के लिए कहा और जैसे ही इन महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला गया, उन्होंने गोलियां चलाईं और ग्रेनेड फेंकना शुरू कर दिया। उद्देश्य यह था कि जब हम महिलाओं और बच्चों को बचाने की कोशिश करेंगे तो वे वहां से सुरक्षित भागने की कोशिश करेंगे। लेकिन सेना ने पेशेवर तरीके से जवाबी कार्रवाई की और दो-तीन मिनट के भीतर ही दोनों को गिरा दिया गया।
उन्होंने बताया कि अभी एक टेलिस्कोपिक साइट वाली एम4 रिकवर की गई है जो केवल लंबू के साथ हुआ करती थी। इसके अलावा एक ग्लॉक पिस्टल बरामद की है। जो यहां हर आतंकवादी के पास नहीं पाई जाती। एक चीनी पिस्तौल और एक एके 47 राइफल भी बरामद की है। पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई है और मुझे यकीन है कि आगे भी यह जारी रहेगी।
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आत्मघाती हमले के लिए युवाओं का ब्रेन वॉश करता था लंबू
पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए फिदायीन हमले की आईईडी तैयार करने वाला खूंखार आतंकी लंबू का मारा जाना घाटी में जैश के कैडर के लिए एक बड़ा धचका है। उसे पिछले कुछ समय से पुलवामा जिले के त्राल इलाके में घूमते देखा गया था। त्राल का इलाका श्रीनगर से 46 किलोमीटर दूर घोर आतंकवाद प्रभावित इलाका रहा है। साथी उसको साढ़े छह फीट लंबाई की वजह से लंबू बुलाते थे। लंबू को जैश ने कश्मीर में अपने कमजोर होते नेटवर्क को मजबूत करने, आईईडी तैयार करने और नए लड़कों की भर्ती करने के लिए भेजा था।
इसके अलावा वह फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) तैयार करने के लिए युवाओं का ब्रेन वॉश कर रहा था। लंबू जैश का आईईडी एक्सपर्ट था। आतंकी कारी मुफ्ती यासिर के मारे जाने के बाद उसने कश्मीर में जैश की बागडोर संभाली थी। लंबू ने पुलवामा हमले के लिए कार में बम फिट करने में अन्य हमलावरों की मदद की थी। दक्षिणी कश्मीर में लंबू के इशारे पर आतंकी हमलों को अंजाम दिया जाता था। विशेषकर आईईडी हमलों की साजिश वही रचता था।