जम्मू-अखनूर फोर लेन को मंजूरी, दो महीने के भीतर सर्वे
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जम्मू-अखनूर मार्ग पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को जल्द निजात मिलेगी। इस मार्ग को फोर लेन करने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है।
दो महीने के भीतर ग्रेफ इस मार्ग के सर्वे का काम पूरा करेगा। ग्रेफ के अनुसार सर्वे के बाद पीडब्ल्यूडी को सड़क निर्माण का जिम्मा सौंप दिया जाएगा। इसकी मरम्मत का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
हेडक्वार्टर 3 बीआरटीएफ कमांडर एसई विमल गोस्वामी ने सोमवार को बताया कि ग्रेफ ने जम्मू से पुंछ तक फोरलेन बनाने का प्रस्ताव तीन साल पहले केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा था।
लेकिन, केंद्र ने जम्मू से अखनूर तक ही मार्ग को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। इसमें तकरीबन 2200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान मार्ग पर अतिक्रमण की भी समीक्षा की जाएगी।
पिछली सरकार में निकला था आर्डर
पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में एक आर्डर निकाला था कि इस मार्ग को चौड़ा करने का दायित्व पीडब्ल्यूडी को सौंपा जाए। कहा कि ग्रेफ 40 साल से अखनूर-जम्मू मार्ग की देखरेख और मरम्मत का काम कर रहा है।
पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग को काम सौंपने का फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया। इन विभागों द्वारा काम कराए जाने पर उन्होंने गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कहा कि निर्माण कार्य निजी कंपनी के हाथों में सौंपे जाने की स्थिति में इस पर टोल प्लाजा की भी शुरुआत होगी।
पांच वर्ष से अखनूर से ज्यौड़ियां मार्ग की मरम्मत नहीं होने के सवाल पर कहा कि इसके लिए पांच साल में छह बार टेंडर हो चुके हैं। मगर विवादों के कारण मामला फंसा पड़ा है।
वर्तमान में टेंडर पाने वाली दो फर्मों में रुपयों के लेनदेन के चलते मरम्मत का काम बंद पड़ा है। हालांकि, विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है कि एक हफ्ते के भीतर इस मार्ग पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाए।