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Jammu News: लोगों ने जाना वैज्ञानिक रूप से मधुमक्खी पालन
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दो दिवसीय सेमिनार में मधुमक्खी पालन पर एक स्मारिका का का विमोचन करते कृषि निदेश व अन्य फोटो सू
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग के मधुमक्खी पालक, किसान, युवाओं व महिलाओं और उद्यमियों के बीच मधुमक्खी पालन के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा रही है। लोग इसे व्यवसाय को रूप में चुने, इसके लिए उनका कौशल बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग ने राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) के तत्वावधान में वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया था।
कार्यक्रम मधुमक्खी पालन विकास योजना, कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग जम्मू द्वारा आयोजित किया गया था। वीरवार को इसका समापन हुआ। इसमें वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर एक स्मारिका का भी विमोचन किया।स्मारिका वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर अनुसंधान, विशेषज्ञ सलाह और व्यावहारिक मार्गदर्शन का संकलन है। इससे जम्मू क्षेत्र के किसानों और मधुमक्खी पालकों को आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीकों पर बहुमूल्य जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस दौरान कृषि निदेशक जम्मू, सरदार अरविंदर सिंह रीन ने कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल शहद उत्पादन के लिए है, बल्कि परागण को बढ़ाने, कृषि उपज बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शहद उत्पादों की अच्छी पैकेजिंग और विपणन के महत्व पर भी जोर दिया। हितधारकों से उत्पादन और शहद की खपत बढ़ाने के लिए मजबूत विपणन रणनीति बनाने को कहा। मधुमक्खी पालन विधियों को अपनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और आउटरीच पहल होनी चाहिए।
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जम्मू। जम्मू संभाग के मधुमक्खी पालक, किसान, युवाओं व महिलाओं और उद्यमियों के बीच मधुमक्खी पालन के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा रही है। लोग इसे व्यवसाय को रूप में चुने, इसके लिए उनका कौशल बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग ने राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) के तत्वावधान में वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया था।
कार्यक्रम मधुमक्खी पालन विकास योजना, कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग जम्मू द्वारा आयोजित किया गया था। वीरवार को इसका समापन हुआ। इसमें वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर एक स्मारिका का भी विमोचन किया।स्मारिका वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर अनुसंधान, विशेषज्ञ सलाह और व्यावहारिक मार्गदर्शन का संकलन है। इससे जम्मू क्षेत्र के किसानों और मधुमक्खी पालकों को आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीकों पर बहुमूल्य जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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इस दौरान कृषि निदेशक जम्मू, सरदार अरविंदर सिंह रीन ने कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल शहद उत्पादन के लिए है, बल्कि परागण को बढ़ाने, कृषि उपज बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शहद उत्पादों की अच्छी पैकेजिंग और विपणन के महत्व पर भी जोर दिया। हितधारकों से उत्पादन और शहद की खपत बढ़ाने के लिए मजबूत विपणन रणनीति बनाने को कहा। मधुमक्खी पालन विधियों को अपनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और आउटरीच पहल होनी चाहिए।
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